बिहार के मुजफ्फरपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी मुकेश राय को दोषी मानते हुए 20 साल की सजा दी है. साथ ही उस पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. यह मामला तुर्की थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस कार्यवाही में लापरवाही के आरोप भी लगे थे. बाद में जांच तेज हुई और आरोपी को कानून के शिकंजे में लाया गया.
विशेष पॉक्सो कोर्ट-3 की न्यायाधीश नूर सुल्ताना ने मामले की सुनवाई के बाद मुकेश राय को बामशक्कत कारावास की सजा सुनाई. इससे पहले अदालत ने उसे दोषी करार दिया था. अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश किए. कोर्ट ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद यह फैसला दिया.
मामले की जांच में DNA रिपोर्ट महत्वपूर्ण साबित हुई. पीड़िता के कपड़ों और आरोपी के कपड़ों की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला में कराई गई थी. रिपोर्ट में घटना की पुष्टि हुई थी. पुलिस ने यह रिपोर्ट अदालत में पेश की, जिसे सुनवाई के दौरान अहम साक्ष्य के रूप में माना गया.
मामले में शुरुआती कार्रवाई को लेकर पुलिस पर सवाल उठे थे. आरोप था कि पीड़िता के परिजन शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं की गई. इसके बाद तत्कालीन तुर्की थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया था.
FIR दर्ज होने के बाद मुकेश राय फरार चल रहा था. गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद उसके घर पर कार्यवाही की तैयारी की. इसके बाद आरोपी ने विशेष पॉक्सो कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था. पुलिस ने बाद में उसके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया.
पीड़िता के पिता ने महिला थाने में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया था कि आरोपी ने गिफ्ट देने के बहाने किशोरी को बुलाया था. शिकायत के अनुसार, इसके बाद उसके साथ अपराध किया गया. पुलिस जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामला अदालत तक पहुंचा, जहां अब आरोपी को सजा सुनाई गई है.