Roopali Surana Inspiring Journey: जिंदगी में कुछ सपने ऐसे होते हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि बार-बार गिरकर उठने का हौसला भी चाहिए. रुपाली सुराना की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. UPSC जैसी कठिन परीक्षा में लगातार पांच बार असफल होने के बाद भी उन्होंने अपने लक्ष्य से मुंह नहीं मोड़ा. कभी गणित की मुश्किलें, कभी परीक्षा के दौरान तनाव और कभी सामाजिक दबाव उनके रास्ते में आए, लेकिन उन्होंने खुद को कमजोर पड़ने नहीं दिया.
रुपाली सुराना राजस्थान के ब्यावर से ताल्लुक रखती हैं. बचपन से ही उनके मन में सिविल सेवा में जाने की इच्छा थी. पिता के प्रोत्साहन ने उनके इस सपने को मजबूत किया. उन्होंने दिल्ली के मिरांडा हाउस से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर UPSC की तैयारी में जुट गईं. भूगोल और राजनीति विज्ञान जैसे विषयों पर ध्यान देने के साथ उन्होंने परीक्षा की तैयारी शुरू की.
साल 2018 में रुपाली ने पहली बार UPSC परीक्षा दी. इस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि दूसरे अभ्यर्थियों की रणनीति को बिना अपनी जरूरत समझे अपनाना सही तरीका नहीं था. अगले प्रयासों में समय प्रबंधन की कमी और परीक्षा हॉल में मानसिक दबाव ने उनकी मुश्किलें बढ़ाईं. लगातार पांच प्रयासों में सफलता नहीं मिलने से निराशा हुई, लेकिन उन्होंने अपनी गलतियों से सीखने का फैसला किया.
रुपाली के लिए CSAT की परीक्षा विशेष रूप से कठिन रही. गणित में कमजोरी और सवालों को तय समय में हल करने की चुनौती के कारण उन्हें परेशानी हुई. असफलताओं के साथ पारिवारिक और सामाजिक दबाव भी बढ़ने लगा. एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि शायद यह परीक्षा उनके लिए नहीं है. फिर भी उन्होंने अपनी कमियों को स्वीकार किया और तैयारी जारी रखने का हौसला जुटाया.
रुपाली की जिंदगी में शादी के बाद एक अहम बदलाव आया. IPS अधिकारी अमृत जैन से विवाह के बाद उन्हें तैयारी में नया सहारा मिला. उनके पति ने उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने और विषयों को बेहतर ढंग से समझने में मदद की. परिवार से मिले प्रोत्साहन ने भी उन्हें दोबारा परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित किया. इस सहयोग ने रुपाली को अपने आखिरी प्रयास पर पूरा ध्यान लगाने का मौका दिया.
अपने छठे प्रयास में रुपाली ने पिछली गलतियों को सुधारने पर जोर दिया. उन्होंने CSAT की तैयारी के लिए स्कूली स्तर की NCERT पुस्तकों का सहारा लिया और गणित के डर को दूर करने की कोशिश की. साथ ही, निबंध लेखन पर भी काम किया और मुख्य परीक्षा में अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया. साल 2023 की UPSC परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 386 हासिल की और IRS अधिकारी बनीं. उनकी कहानी बताती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने का मौका भी हो सकती है.