menu-icon
India Daily

Rajasthan Sub-Inspector Recruitment: राजस्थान हाई कोर्ट ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द करने पर लगाई रोक, 800 थानेदारों को बड़ी राहत

राजस्थान हाई कोर्ट ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 को रद्द करने के एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी है. यह निर्णय सोमवार को पेपर लीक और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के सदस्यों पर लगे आरोपों के संदर्भ में आया.

garima
Edited By: Garima Singh
Rajasthan Sub-Inspector Recruitment: राजस्थान हाई कोर्ट ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द करने पर लगाई रोक, 800 थानेदारों को बड़ी राहत
Courtesy: X

Sub-Inspector Recruitment Exam 2021: राजस्थान हाई कोर्ट ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 को रद्द करने के एकल पीठ के आदेश पर रोक लगा दी है. यह निर्णय सोमवार को पेपर लीक और राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के सदस्यों पर लगे आरोपों के संदर्भ में आया. न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने चयनित अभ्यर्थी विक्रम पंवार की अपील पर सुनवाई करते हुए एकल पीठ के 28 अगस्त के आदेश के क्रियान्वयन और प्रभाव को स्थगित कर दिया.

खंडपीठ के सामने अपीलकर्ता ने तर्क दिया कि पेपर लीक में केवल कुछ ही पहचाने गए अभ्यर्थी शामिल थे, जिन्होंने अनुचित साधनों का उपयोग कर सिलेक्शन लिया. अगर पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द की गई, तो उन सैकड़ों अभ्यर्थियों को गंभीर नुकसान होगा, जिन्होंने ईमानदारी से परीक्षा पास की. अपीलकर्ता ने अंतरिम उपाय के रूप में आदेश के क्रियान्वयन से संरक्षण की मांग की थी. खंडपीठ ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए निष्पक्षता के आधार पर यह निर्णय लिया.

भर्ती प्रक्रिया और पेपर लीक विवाद

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने साल 2021 में सब इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के 859 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया था. इस परीक्षा के दौरान पेपर लीक के गंभीर आरोप सामने आए, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) को जिम्मेदारी सौंपी. जांच के दौरान, पेपर लीक में संलिप्त 50 से अधिक प्रशिक्षु उप-निरीक्षकों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया.

सरकार की सिफारिश और न्यायालय का रुख

राज्य मंत्रिमंडल की एक उप-समिति ने अपनी रिपोर्ट में उच्च न्यायालय को सुझाव दिया कि 2021 की भर्ती परीक्षा को रद्द नहीं किया जाना चाहिए. इस सिफारिश के बावजूद, एकल पीठ ने 28 अगस्त को पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का आदेश दिया था. अब खंडपीठ के इस ताजा निर्णय से उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जिन्होंने मेहनत और ईमानदारी से इस परीक्षा में सफलता हासिल की थी.