लिली पैडिंग' की ट्रिक से जेन-जी हो रहे मालामाल, जानें क्या है ये सीक्रेट स्किल जिससे कंपनियों में कर रहे बंपर ग्रोथ
भारत में 'लिली पैडिंग' का कल्चर तेजी से बढ़ रहा है. खास कर जेनरेशन Z इस पैटर्न को तेजी से अपना रही है. ऐसे में सभी को इसके बारे में पता होना जरूरी है. तो चलिए जानते हैं क्या होता है 'लिली पैडिंग' और क्यों युवाओं के बीच क्रेज में है.
समय बदलता जा रहा है. अभी का समय जेनरेशन Z का है, उनके जीवन जीने का तरीका थोड़ा अलग है. शायद कुछ लोगों को उनका तरीका पसंद ना आए लेकिन वह सारे फैसले अपने हिसाब से लेना पसंद करते हैं. पहले के समय में हम देखते थे कि जब कोई नौकरी लगती थी तो लोग एक ही कंपनी में सालों तक काम करते थे. लेकिन अब वक्त बदल चुका है.
जेन-जी अब 'लिली पैडिंग' में भरोसा रखते हैं. लिली पैडिंग का मतलब है कि किसी भी कंपनी में लंबे समय तक रुकने के बजाय थोड़े-थोड़े वक्त पर नौकरी बदलते रहना. इनका मानना होता है कि वक्त के साथ नौकरी बदलने से सीखने का बेहतर मौका मिलता है और सैलरी ग्रोथ भी तेजी से होती है. लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत के युवाओं के लिए यह रणनीति सही साबित होगी या नहीं?
क्या होता है 'लिली पैडिंग'?
लिली पैडिंग के बारे में अगर आम भाषा में समझा जाए तो इसका मतलब यह होता है कि एक ऐसी प्लानिंग जिसमें वर्किंग ईयर बढ़ाने के बजाए स्किल ग्रोथ पर ध्यान देना. समय-समय पर नौकरी बदलकर नए स्किलस सिखना और अलग-अलग माहौल में खुद को आराम से ढाल लेना. उनका मानना होता है कि ज्यादा स्किल्स सिखने से नौकरी मौके भी ज्यादा मिलते है. दिन-प्रतिदिन टेक्नोलॉजी बदल रहे हैं, ऐसे में अगर खुद को अपडेट नहीं किया गया तो फिल्ड में लंबे समय तक टिक पाना मुश्किल हो जाता है. साथ ही कई अवसरों को आजमाने का भी मौका नहीं मिल पाता है. AI के जमाने में भारत में भी यह कल्चर तेजी से बढ़ता जा रहा है, क्योंकि युवाओं को इस बात की जानकारी अच्छे से मिल चुकी है कि अगर वह वक्त के साथ अपडेट नहीं होते हैं, तो उन्हें उतना मौका नहीं मिल पाएगा.
भारत में दो तरह के युवा
भारत में दो तरह के युवा है. एक ऐसा युवा जो सरकारी नौकरी पकड़ कर कम लेकिन स्टेबल रहना चाहते हैं. वहीं दूसरे ऐसे युवा है जो हर रोज कुछ नए स्क्लिस की तलाश में होते हैं. खुद पर काम करके खुद को अपडेट रखने पर भरोसा रखते हैं और अपनी काबिलीयत के हिसाब से अपनी सैलरी और पर्कस मांगते हैं. कई कंपनियां ऐसी हैं भी जो अपने एंप्लॉय का रहने, खाने-पीने से लेकर घूमने और खेलने-कूदने का भी ध्यान रखती है. बदलते वक्त के साथ अगर स्किलस में कमी हुई तो शायद सर्वाइव करना मुश्किल हो जाए. इसलिए ाज के युवा 'लिली पैडिंग' में भरोसा रखते हैं.
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