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India Daily

मिडिल ईस्ट में शांति के लिए ड्रैगन का 'फोर-पॉइंट' दांव, क्या रुकेगा अमेरिका-ईरान युद्ध?

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मध्य पूर्व में शांति के लिए चार सूत्री योजना पेश की है. यह प्रस्ताव अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होने और ट्रंप द्वारा चीन पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी के बीच आया है.

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मिडिल ईस्ट में शांति के लिए ड्रैगन का 'फोर-पॉइंट' दांव, क्या रुकेगा अमेरिका-ईरान युद्ध?
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शांति बहाली के लिए एक बड़ा कूटनीतिक कार्ड खेला है. मंगलवार को अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बीजिंग में हुई उच्च स्तरीय बैठक के दौरान जिनपिंग ने मध्य पूर्व में स्थायी शांति को बढ़ावा देने के लिए 'चार सूत्री रोडमैप' का प्रस्ताव रखा. समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह कूटनीतिक पहल पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम वार्ता के पटरी से उतरने के महज कुछ दिनों बाद सामने आई है.

राष्ट्रपति जिनपिंग ने पश्चिम एशिया के संकट को सुलझाने के लिए जिन चार प्रमुख सिद्धांतों पर जोर दिया है, उनमें शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बनाए रखना, राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करना, विकास और सुरक्षा के बीच तालमेल बिठाना और अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था की रक्षा करना शामिल है. जिनपिंग ने कड़े शब्दों में कहा, 'अंतरराष्ट्रीय कानून के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए. यह सुविधा के अनुसार उपयोग और अनुपयोग वाली वस्तु नहीं हो सकती. हम दुनिया को जंगल राज की ओर लौटने की अनुमति नहीं दे सकते.'

अमेरिका और इजरायल पर कड़ा कटाक्ष 

विशेषज्ञ जिनपिंग की इन टिप्पणियों को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के सैन्य अभियान पर एक परोक्ष लेकिन तीखा हमला मान रहे हैं. हालांकि चीन ने पहले भी इस अभियान को अवैध बताया है, लेकिन जिनपिंग ने इस पर सार्वजनिक रूप से बहुत कम टिप्पणी की थी. यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब अगले महीने बीजिंग में शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है.

होर्मुज की नाकाबंदी और बढ़ता तनाव 

मध्य पूर्व में स्थिति तब और नाजुक हो गई जब ईरान ने मार्च की शुरुआत से ही सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को बंद कर दिया है. जवाब में, अमेरिकी सेना ने सोमवार से ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू कर दी है और तेहरान पर 'आर्थिक आतंकवाद' का आरोप लगाया है. इस संघर्ष के कारण यूएई सहित खाड़ी देशों से होने वाले तेल के निर्यात में भारी गिरावट आई है.

ट्रंप की सीधी चेतावनी: चीन पर लगेगा 50% टैरिफ 

वाशिंगटन और बीजिंग के बीच इस युद्ध को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि चीन गुप्त रूप से ईरान को हथियारों की आपूर्ति करता हुआ पाया गया, तो उस पर 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाया जाएगा. इसी बीच, 'रिच स्टारी' नामक जहाज की घटना ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचा है, जिसने अमेरिकी नाकाबंदी के बावजूद चीनी चालक दल होने का दावा कर अपनी यात्रा जारी रखी.