विश्व आर्थिक फोरम के मंच पर दावोस में एलन मस्क की पहली प्रस्तुति ने हल्की-फुल्की हंसी और गहरी सोच दोनों को जन्म दे दिया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘Board of Peace’ का मजाक उड़ाया और ऊर्जा, तकनीक और अंतरिक्ष पर अपने विचार साझा किए. मस्क ने सौर ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के महत्व पर जोर दिया, साथ ही मंगल ग्रह पर जीवन और Tesla की खुद-चलने वाली तकनीक पर भी चर्चा की.
एलन मस्क ने डावोस में अपने सत्र की शुरुआत एक मजाक से की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने ‘Board of Peace’ के बारे में सुना तो उन्हें लगा कि यह 'P-I-E-C-E' यानी ‘पीस’ यानी टुकड़े का बोर्ड है. इसके बाद उन्होंने ग्रीनलैंड और Venezuela के 'एक छोटे टुकड़े' का जिक्र किया, जिससे दर्शकों में हंसी फूट पड़ी.
मस्क ने ऊर्जा नीति पर भी विचार व्यक्त किए और कहा कि अमेरिका अपनी सारी बिजली जरूरत सौर ऊर्जा से पूरा कर सकता है अगर व्यापारिक बाधाएं कम हों. उन्होंने बताया कि कुछ छोटे हिस्सों का उपयोग कर संयुक्त राज्य अपनी कुल बिजली क्षमता पैदा कर सकता है, परंतु उच्च टैरिफ सौर ऊर्जा को महंगा बना रहे हैं.
बातचीत के दौरान मस्क ने बताया कि Tesla जल्द ही अपनी Full Self-Driving तकनीक के लिए यूरोप और चीन में नियामकीय मंजूरी की उम्मीद कर रहा है. उन्होंने भविष्य में ह्यूमनॉइड रोबोट्स के प्रसार की भी भविष्यवाणी की, जो लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बदल सकते हैं.
यहां देखें वीडियो
BREAKING: At the World Economic Forum in Davos, Switzerland, even Elon Musk is poking fun at Donald Trump's ridiculous "Board of Peace".
— Ed Krassenstein (@EdKrassen) January 22, 2026
“I heard about the formation of the Peace Summit (Board of Peace), and I was like ‘is that P-I-E-C-E?’ You know, a little piece of Greenland,… pic.twitter.com/WxKJhbENLT
मस्क ने अपने लंबे समय से चल रहे मंगल ग्रह के प्रति आकर्षण को दोहराया. उन्होंने कहा कि लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि क्या वे मंगल पर मरना चाहते हैं. मस्क ने हंसी में जवाब दिया कि 'हां' लेकिन प्रभाव पर नहीं.' उनके इस बयान ने दर्शकों में फिर से हल्की हल्की हंसी फैलाई.
मस्क की बातचीत का मॉडरेशन ब्लैकरॉक के CEO लैरी फिंक ने किया, जिन्होंने मस्क की उपलब्धियों की सराहना की. बातचीत में तकनीक, ऊर्जा और अंतरिक्ष से जुड़ी गंभीर बातें भी शामिल रहीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मस्क केवल मजाक ही नहीं, बल्कि गहरे विचार भी लाया है.