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India Daily

भारत का नंबर वन दुश्मन कौन? अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में हुआ खुलासा

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत चीन को प्राथमिक विरोधी और पाकिस्तान को एक सहायक सुरक्षा समस्या के रूप में देखता है.

Gyanendra Sharma
भारत का नंबर वन दुश्मन कौन? अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में हुआ खुलासा
Courtesy: Social Media

भारत का मुख्य दुश्मन कौन है? ये सवाल पिछले कई सालों से बना हुआ कि पाकिस्तान या चीन भारत किसे अपना बड़ा दुश्मन मानता है. इस सवाल का जवाब एक खुफिया रिपोर्ट में मिला है. अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) ने कहा है कि पाकिस्तान भारत को अस्तित्व के लिए खतरा मानता है. इसलिए पाकिस्तान अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने के की कोशिश में लगा रहेगा. अपनी 'विश्व खतरा आकलन' रिपोर्ट में, जिसमें पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमला करने के लिए भारत के ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद शत्रुता में वृद्धि का उल्लेख है, DIA ने कहा है कि पीएम मोदी की रक्षा प्राथमिकताएं वैश्विक नेतृत्व का प्रदर्शन करने, चीन का मुकाबला करने और भारत की सैन्य शक्ति को बढ़ाने पर केंद्रित होंगी. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत चीन को प्राथमिक विरोधी और पाकिस्तान को एक सहायक सुरक्षा समस्या के रूप में देखता है, जिसे मई के मध्य में दोनों सेनाओं द्वारा सीमा पार हमलों के बावजूद प्रबंधित किया जाना चाहिए. चीन ने पाकिस्तान और उत्तर कोरिया को पिछले कुछ वर्षों में अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल खजाने को लगातार बढ़ाने में मदद करने के लिए प्रसार गठजोड़ को सुविधाजनक बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है. वैश्विक अनुमानों के अनुसार भारत और पाकिस्तान के पास लगभग 170 परमाणु हथियार हैं, तथा टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा पहले दी गई रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद अक्सर नई दिल्ली की पारंपरिक सैन्य श्रेष्ठता के जवाब में अपनी कम दूरी की नस्र (हत्फ-IX) और अन्य मिसाइलों का प्रदर्शन करता रहता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के परमाणु भंडार में संभवतः 600 से ज़्यादा ऑपरेशनल वॉरहेड्स होंगे. रिपोर्ट में कहा गया है कि हमारा अनुमान है कि 2030 तक चीन के पास 1,000 से ज़्यादा ऑपरेशनल वॉरहेड्स होंगे, जिनमें से ज़्यादातर को तेज़ प्रतिक्रिया समय के लिए उच्च तत्परता स्तरों पर तैनात किया जाएगा.

पाकिस्तान बढ़ा रहा है परमाणु हथियार

पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहा है और अपने परमाणु पदार्थों, तथा कमान और नियंत्रण संरचनाओं की सुरक्षा बनाए रख रहा है. पाकिस्तान लगभग निश्चित रूप से विदेशी आपूर्तिकर्ताओं और बिचौलियों से WMD (सामूहिक विनाश के हथियार)-लागू सामान खरीदता है.

चीन से मिल रहा पाकिस्तान को सहयोग

DIA की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान बीजिंग की "आर्थिक और सैन्य उदारता" का मुख्य रूप से प्राप्तकर्ता है, और इसकी सेना हर साल चीनी सेना के साथ कई सैन्य अभ्यास करती है. रिपोर्ट में कहा गया है, "पाकिस्तान के WMD कार्यक्रमों का समर्थन करने वाली विदेशी सामग्री और तकनीक मुख्य रूप से चीन के आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त की जाती है, और कभी-कभी हांगकांग, सिंगापुर, तुर्किये और यूएई के माध्यम से भेजी जाती है.

भारत स्वेदेशी हथियार पर बढ़ा रहा निर्भरता

 रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अपने घरेलू रक्षा उद्योग का निर्माण करने, आपूर्ति श्रृंखला संबंधी चिंताओं को कम करने और अपनी सेना को आधुनिक बनाने के लिए इस साल अपनी 'मेड इन इंडिया' पहल को बढ़ावा देना जारी रखेगा. 2024 में भारत ने अपनी परमाणु-सक्षम अग्नि-I प्राइम मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल और अग्नि-V मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल (एक मिसाइल पर कई वारहेड) का परीक्षण किया.