नई दिल्ली: तमाम शांति के दावों के बीच गाजा में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. इजरायल ने एक सटीक संयुक्त अभियान चलाकर हमास और इस्लामिक जिहाद के दो कुख्यात कमांडरों को मार गिराया है. यह हमला युद्धविराम के उल्लंघन के ठीक बाद हुआ है जिसने क्षेत्र में शांति की उम्मीदों को तगड़ा झटका दिया है.
इजरायली सेना का कहना है कि यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ न्याय सुनिश्चित करने के लिए थी, जिन्होंने निर्दोषों पर अत्याचार किए. नोआ मार्सियानो की दर्दनाक मौत की यादें अभी ताजा हैं, और इस स्ट्राइक ने इजरायल में राहत की लहर पैदा की है.
इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) और इजरायली सुरक्षा एजेंसी (ISA) ने मिलकर हमास के मोहम्मद अल-हबील और इस्लामिक जिहाद के अली राजियाना को निशाना बनाया. यह एयरस्ट्राइक गाजा में रात भर चली, जिसमें इन दोनों को मार गिराया गया. इजरायल ने सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कदम है.
मोहम्मद अल-हबील पर 7 अक्टूबर हमले में अगवा की गई कॉर्पोरल नोआ मार्सियानो की क्रूर हत्या का गंभीर आरोप था. नाहल ओज पोस्ट पर तैनात इस युवा महिला सैनिक को बंधक बनाया गया था. उनकी मौत की खबर से इजरायल में गुस्सा भड़क उठा था. अब इस स्ट्राइक से उनके परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है.
इजरायल ने स्पष्ट किया है कि यह हमला युद्धविराम के खुले उल्लंघन के बाद किया गया था. आतंकियों ने समझौते का पालन नहीं किया, जिसके चलते इजरायली सेना को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी. अली राजियाना उत्तरी गाजा ब्रिगेड में बंधकों की निगरानी और रॉकेट हमलों की योजना बनाने में शामिल था.
यह एयरस्ट्राइक गाजा में हमास और इस्लामिक जिहाद की सैन्य क्षमता को कमजोर करने वाली मानी जा रही है. इजरायल का रुख साफ है कि वह अपने नागरिकों और सैनिकों पर हमला करने वालों को कभी माफ नहीं करेगा. क्षेत्र में अब स्थिति पर नजर टिकी है, क्योंकि ऐसे हमले आगे के संघर्ष को बढ़ावा दे सकते हैं.