menu-icon
India Daily

'ईरान को चिंतित होने की जरूरत', अमेरिका के साथ बातचीत होने से पहले खामेनेई को ट्रंप की नई चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ईरान को चिंतित होने की जरूरत है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
'ईरान को चिंतित होने की जरूरत', अमेरिका के साथ बातचीत होने से पहले खामेनेई को ट्रंप की नई चेतावनी
Courtesy: X (@MichaelGar63457, @Maga_Trigger)

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच संबंध लगातार बिगड़ते ही जा रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्ला खामेनेई को चेतावनी दे रहे हैं. मीडिया ने जब उनसे ईरानी सुप्रीम लीडर पर सवाल किया तो उन्होंने तुरंत चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें बहुत चिंतित होने की जरूर है.

अमेरिकी सेना ईरान को चारों ओर से घेरने की तैयारी कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान लगातार बात कर रहा है. हालांकि रिपोर्ट यह भी मिल रही है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक बातचीत किसी भी समय टूट सकती है. ट्रंप की यह टिप्पणी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बयान के बाद आई है. 

अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा?

रुबियों ने ट्रंप के इस बयान से एक दिन पहले यह कहा था कि ईरान और हमारे बीच बातचीत के लिए काम किया जा रहा है लेकिन बातचीत केवल परमाणु के मुद्दे तक ही सीमित नहीं रहेगी. ईरान के साथ होने वाली बैठक को लेकर रूबियो ने पत्रकारों से कहा कि जहां तक बातचीत की बात है, आप जानते हैं, मुझे लगता है कि ईरानियों ने एक निश्चित फ़ॉर्मेट पर सहमति जताई थी. किसी भी कारण से, उनके सिस्टम में यह बदल गया है. अब हम देखेंगे कि क्या हम सही जगह पर वापस आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका उनसे मिलने के लिए तैयार है.

क्या चाहता है अमेरिका?

रिपोर्ट की मानें तो ईरान ने बातचीत को तुर्की से ओमान ले जाने और क्षेत्रीय देशों की भागीदारी को बाहर रखने के लिए कहा है. हालांकि दोनों देशों के बीच यह बातचीत ट्रंप द्वारा दी गई कई धमकियों के बाद हो रही है. ईरान केवल परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत करना चाहता है लेकिन अमेरिका इसके अलावा और भी कई मुद्दों पर बात करना चाहता है.

रूबियो ने कहा कि इसमें तेहरान का बैलिस्टिक-मिसाइल कार्यक्रम, क्षेत्रीय आतंकवादी समूहों को प्रायोजित करना और अपने लोगों के साथ व्यवहार शामिल है. अमेरिका और ईरान लंबे समय से इस्लामिक गणराज्य की परमाणु गतिविधियों को लेकर आमने-सामने रहे हैं, लेकिन हाल में ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद यह तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया. इसके बाद अमेरिका ने अरब सागर में अपने एयरक्राफ्ट तैनात कर दिए.