नई दिल्ली: पिछले 6 हफ्तों से चले आ रहे अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध पर आखिकार सीजफायर लग गया है. बता दें कि US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले करने के कदम पीछे खींच लिए हैं. उन्होंने अपनी तय समय सीमा से ठीक एक घंटा पहले, दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा कर दी है. कहा ज रहा है कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अपील के बाद लिया गया है.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस सीजफायर की घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि इस सीजफायर की अहम शर्त यह है कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलना होगा. यह सभी देशों के लिए बेहद जरूरी है. इसके साथ ही यह भी कहा कि US अपने ज्यादातर सैन्य उद्देश्य हासिल कर चुका है. अब वह ईरान के साथ एक शांति समझौते के करीब है, जो दीर्घकालिक होगा.
ट्रंप ने अपने पोस्ट में बताया कि ईरान ने उसे एक 10 सूत्रीय प्रस्ताव भी भेजा है. वह इसे बातचीत का आधार मान रहे हैं. उनका कहना है कि दो हफ्ते का यह सीजफायर दोनों पक्षों को समझौते को किसी फैसले पर पहुंचने और अंतिम रूप देने के लिए समय देगा.
ईरान ने यूएस के सीजफायर के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक्स पर पोस्ट किया कि अगर US ईरान पर सभी हमले रोक देता है, तो ईरानी सेनाएं भी अपने रक्षात्मक अभियान रोक देंगी. इसके साथ ही अराघची ने युद्ध खत्म करने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की कोशिशों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया.
उन्होंने कहा कि ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति दे दी है. इस दौरान, ईरान की सशस्त्र सेनाओं के समन्वय से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित मार्ग की अनुमति दी जाएगी. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बेहद ही अहम है, क्योंकि दुनिया की लभगभ 20 फीसद ऑयल सप्लाई इसी मार्ग से होकर गुजरती है. इसके बंद होने से वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आ गया था.