बीते कई दशकों से पाकिस्तान आतंकवाद का गढ़ बना हुआ है. जम्मू-कश्मीर में आतंकी भेजने का मामला हो या अपने देश में आतंकियों को पनाह देने का, अब यही हरकत खुद पाकिस्तान पर भारी पड़ने लगी है. पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान में ही कई आतंकी हमले हुए हैं जिनमें उसके नागरिकों की जान गई है. हाल ही में हुए एक आतंकी हमले में पाकिस्तान के सात जवान मारे जाने के बाद उसे शायद थोड़ी अक्ल आई है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अब आतंकवाद के खात्मे की बात कर रहे हैं. खुद के सैनिकों की जान जाने पर शहबाज शरीफ आतंकवादियों को खत्म करने का ऐलान कर रहे हैं.
शहबाज शरीफ ने खैबर पख्तूनख्वला प्रांत में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद यह ऐलान किया है. दरअसल, काची कमर की ओर जा रहे सुरक्षाकर्मियों के काफिले पर हमला किया गया था. लक्की मरवट जिले की सरबंद पोस्ट के पास हुए इस हमले में आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया था. पहले IED ब्लास्ट करके काफिले को रोका गया फिर उस पर हमला कर दिया गया था.
हमले के बाद शहबाज शरीफ ने एक ट्वीट में लिखा, 'पाकिस्तानी सेना के जवानों और एक कैप्टन की शहीदी पर गहरा दुख पहुंचा है. बहादुर जवानों और आम नागरिकों की मौत हम पर एक कर्ज है, आतंकवाद को जड़ से खत्म करके ही हम इस कर्ज को चुका पाएंगे.' बताते चलें कि अफगानिस्तान में मजबूत गढ़ बना चुके तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने पाकिस्तान में इन दिनों आतंक मचा रखा है. ये आतंकी अफगानिस्तान में छिपकर ट्रेनिंग लेते हैं और पाकिस्तान में हमला करके फिर अफगानिस्तान भाग जाते हैं.
पाकिस्तान बार-बार अफगानिस्तान से कह रहा है कि वह इन आतंकियों के खिलाफ ऐक्शन ले. हालांकि, अभी तक उसकी अपील बेनतीजा रही है. बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार आने के बाद से पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ गई हैं. पाकिस्तान के लिए तालिबानी आतंकी सिरदर्द बन गए हैं. अब पाकिस्तान के साथ ये आतंकी ठीक वैसा ही कर रहे हैं, जिस तरह की हरकतें पाकिस्तान परस्त आतंकी भारत के जम्मू-कश्मीर में करते हैं.