नई दिल्ली: इजरायल डिफेंस फोर्सेज के एक ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर के साथ गुरुवार सुबह उस वक्त हादसा हो गया, जब सेना उसे रिकवर करने की कोशिश कर रही थी. यह हेलिकॉप्टर कुछ दिन पहले खराब मौसम के कारण आपात लैंडिंग करने पर मजबूर हुआ था. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ.
इजरायली सेना के मुताबिक, यह ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर मंगलवार को गश एत्जियन इलाके में उड़ान के दौरान गंभीर मौसम की चपेट में आ गया था. तेज हवाओं और खराब दृश्यता के कारण पायलट को एक खुले इलाके में आपात लैंडिंग करनी पड़ी. लैंडिंग सुरक्षित रही और उस समय किसी तरह का नुकसान या चोट दर्ज नहीं की गई.
गुरुवार सुबह सेना ने हेलिकॉप्टर को एयरलिफ्ट कर वहां से हटाने का फैसला किया. इसी दौरान जब हेलिकॉप्टर को हार्नेस के जरिए ऊपर उठाया जा रहा था, तभी अचानक हार्नेस टूट गया. संतुलन बिगड़ते ही हेलिकॉप्टर नीचे गिर गया और एक रिहायशी इलाके के पास आकर क्रैश हो गया.
❗️ Israeli military helicopter CRASHES during airlift attempt
— RT (@RT_com) January 16, 2026
A Black Hawk fell near a house in Gush Etzion after harnesses tore mid-lift — no casualties reported pic.twitter.com/hr22cNReLH
सेना और स्थानीय प्रशासन ने पुष्टि की है कि हादसे के वक्त इलाके में मौजूद किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई. जिस जगह हेलिकॉप्टर गिरा, वहां पास में एक घर था, लेकिन सौभाग्य से किसी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा. सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इलाके को घेर लिया और मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया.
इजरायली वायुसेना प्रमुख मेजर जनरल टोमर बार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सैन्य जांच समिति के गठन का आदेश दिया है. टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, समिति यह पता लगाएगी कि हार्नेस क्यों टूटा और क्या तकनीकी या मानवीय लापरवाही इसमें शामिल थी. जांच पूरी होने तक ऐसे सभी ऑपरेशनों की समीक्षा की जा रही है.
ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर को इजरायली वायुसेना में यानशुफ कहा जाता है, जिसका हिब्रू में अर्थ उल्लू होता है. इन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल सैनिकों की आवाजाही, आपूर्ति मिशन और सैन्य अभियानों के दौरान जवानों को उतारने और निकालने के लिए किया जाता है. यह हेलिकॉप्टर सेना के सबसे भरोसेमंद प्लेटफॉर्म में गिने जाते हैं.
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब क्षेत्र में सुरक्षा हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं. सेना का कहना है कि जांच के नतीजों के आधार पर भविष्य की प्रक्रियाओं में जरूरी बदलाव किए जाएंगे, ताकि इस तरह की घटनाओं से दोबारा बचा जा सके.