नई दिल्ली: ब्रिटेन की संसद में बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं के साथ अत्याचार को लेकर आवाज उठा है. कंजर्वेटिव पार्टी के प्रमुख सांसद बॉब ब्लैकमैन ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के हाल पर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने लेबर सरकार से मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर दबाव डालने की मांग की है. जिससे की अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और बांग्लादेश चुनाव निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं समावेशी तरीके से पूरा हो सके.
बांग्लादेश में हो रही हिंसा पर ब्रिटिश संसद में बोलते हुए ब्लैकमैन ने कहा कि हिंदू पुरुषों की सड़कों पर हत्या की जा रही है. इतना नहीं उनके घरों और मंदिर जला दिए जा रहे हैं. हिंदू ही नहीं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक भी इसी तरह की मार झेल रहे हैं. उन्होंने इसे बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति को 'विनाशकारी' करार देते हुए चिंता जताई कि ऐसी हिंसा के बीच लोकतंत्र की बहाली कैसे संभव होगी.
ब्लैकमैन ने जोर देकर कहा कि अगले महीने होने वाले तथाकथित स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों में प्रमुख राजनीतिक दल अवामी लीग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. जनमत सर्वेक्षणों में इस दल को लगभग 30 प्रतिशत समर्थन प्राप्त होने के बावजूद इसे चुनाव लड़ने से वंचित रखा गया है. साथ ही, इस्लामी चरमपंथी ताकतों द्वारा संविधान में स्थायी बदलाव के लिए जनमत संग्रह की मांग भी उठाई गई है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गहरा संकट मंडरा रहा है. सांसद ने ब्रिटेन के विदेश सचिव से आग्रह किया कि वे स्पष्ट बयान जारी करें कि लेबर सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की रक्षा और समावेशी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाएगी.
Today, I raised my concerns on Bangladesh.
With elections looming, the Awami League are still banned.
I am also horrified to see that Hindu's are murdered and their temples burned.
I called on the Govt to act to protect minorities and ensure free and fair elections. pic.twitter.com/DTTCCgcN2S— Bob Blackman (@BobBlackman) January 15, 2026Also Read
ब्लैकमैन उन चार ब्रिटिश सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में अवामी लीग सहित अन्य प्रमुख दलों पर प्रतिबंध को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की थी. इस संयुक्त बयान पर जिम शैनन, जस अटवाल और क्रिस लॉ ने भी हस्ताक्षर किए हैं. भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर बार-बार हो रहे हमलों पर चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हम चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों, उनके घरों और व्यवसायों पर लगातार हमलों का परेशान करने वाला पैटर्न देख रहे हैं. ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से तेजी से और दृढ़ता से निपटा जाना चाहिए.