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Video: दुश्मन के ड्रोन को लेजर सिस्टम से गिराने वाला पहला देश बना इजरायल

Israel Laser Weapon: इजरायल ने युद्ध के दौरान दुश्मन के ड्रोन को लेजर हथियार से मार गिराया है और ऐसा करने वाला यह पहला देश बन गया है.

Shilpa Shrivastava
Video: दुश्मन के ड्रोन को लेजर सिस्टम से गिराने वाला पहला देश बना इजरायल

Israel Laser Weapon: इजरायल ने युद्ध के दौरान दुश्मन के ड्रोन को लेजर हथियार से मार गिराया है और ऐसा करने वाला यह पहला देश बन गया है. यह आधुनिक युद्ध में एक बड़ी उपलब्धि है. यह मील का पत्थर गाजा में चल रहे स्वॉर्ड्स ऑफ आयरन संघर्ष के दौरान हासिल हुआ. इजरायली वायु सेना के एरियल डिफेंस एरे ने एक प्रोटोटाइप लेजर एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया.

इजराइल में राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम ने एक खास लेजर हथियार बनाया है, जो ड्रोन जैसे हवाई खतरों को खत्म करने के लिए काम करता है. यह हथियार एक तेज लाइट का इस्तेमाल करता है जो ड्रोन को जलाकर गिरा देता है. ट्रेडिशनल मिसाइलों के मुकाबले, यह लेजर सिस्टम सस्ता और तेज है. यह छोटे टारगेट्स को जल्दी खत्म कर सकता है. 

इजरायल ने किया लेजर हथियार का इस्तेमाल: 

राफेल के अनुसार, इजरायली वायु सेना ने युद्ध के दौरान इस लेजर हथियार का इस्तेमाल किया जिससे हवाई खतरों को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया. इन सफलताओं ने इजराइल के नागरिकों की जान बचाने के साथ-साथ सरकारी संपत्तियों को भी सुरक्षित रखा. 

रक्षा मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल येहुदा एल्माकायेस ने बताया कि इस लेजर हथियार का सफल इस्तेमाल युद्ध के मैदान में पहली बार हुआ है. वे अब इन प्रणालियों को और बेहतर बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे इजराइल के नागरिकों और सेना को और सुरक्षित रखा जा सके.

रक्षा मंत्रालय ने जारी किया वीडियो:

इजराइल के रक्षा मंत्रालय ने इस लेजर हथियार का एक वीडियो जारी किया, जिसमें दिखाया गया कि लेजर ने तीन ड्रोन को सफलतापूर्वक गिरा दिया. एक वीडियो में देखा जा सकता है कि लेजर के कारण ड्रोन के पंख में आग लग जाती है और वह जमीन पर गिर जाता है. ये ड्रोन वही थे जो हमास, हिज्बुल्लाह और हौथी बलों ने यमन में इस्तेमाल किए थे. इन ड्रोन का आकार और डिजाइन बहुत खास होता है.

इजराइल इस लेजर सिस्टम को अपने बड़े आयरन बीम सिस्टम से जोड़ने की योजना बना रहा है, जो एक खास तरह की ऊर्जा से काम करता है. सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सिस्टम कम कीमत वाले खतरों से निपटने का एक बहुत अच्छा तरीका हैं, बिना महंगी मिसाइलों का इस्तेमाल किए.