एक महिला कर्मचारी ने मासिक धर्म के दौरान ली गई छुट्टी पर अपने मैनेजर की टिप्पणी के बाद कंपनी से इस्तीफा दे दिया. मैनेजर ने कथित तौर पर उसे कहा कि वह अपनी 'दर्द सहन करने की क्षमता' बढ़ाए. इस घटना की जानकारी रेडिट पर एक पोस्ट के जरिए सामने आई, जिसने सोशल मीडिया पर काफी आक्रोश पैदा कर दिया.
रेडिट के r/IndianWorkplace सबरेडिट पर साझा की गई पोस्ट में महिला ने बताया कि उसे पिछले तीन महीनों से हर महीने एक-एक दिन की बीमारी की छुट्टी लेनी पड़ी थी. वजह थी गंभीर मासिक धर्म के दर्द (मेनस्ट्रुअल क्रैम्प्स), जिसके कारण वह चक्कर महसूस करती थी और काम करने में असमर्थ हो जाती थी. उसने अपनी अनुपस्थिति का कारण ईमेल में स्पष्ट रूप से लिखा था. फिर भी मैनेजर ने उसे ऑफिस बुलाकर छुट्टियों पर सवाल उठाए.
बातचीत के दौरान मैनेजर ने अपनी पत्नी का उदाहरण दिया और कहा कि वह भी पीरियड्स के दौरान काम करती रहती हैं. जब महिला ने समझाया कि हर व्यक्ति का मासिक धर्म दर्द अलग-अलग होता है और यह व्यक्तिगत स्वास्थ्य का मामला है, तो मैनेजर ने कथित तौर पर जवाब दिया- 'अपनी पेन टॉलरेंस बढ़ाओ'. यह टिप्पणी सुनकर महिला को बहुत झटका लगा. वह काम पर लौटने को लेकर चिंतित हो गई.
रेडिट यूजर्स ने मैनेजर की इस टिप्पणी को 'असंवेदनशील और अनुचित' बताया. कई लोगों ने सलाह दी कि वह इस मामले को एचआर विभाग और सीनियर लीडरशिप तक ले जाएं. उनका कहना था कि मेडिकल छुट्टी पर सवाल नहीं उठाना चाहिए और न ही इसे कमतर आंकना चाहिए. कुछ यूजर्स ने याद दिलाया कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से छुट्टी लेना कर्मचारी का अधिकार है. उन्हें अपनी सेहत को कार्यस्थल के दबाव से ऊपर रखना चाहिए. किसी को भी अपनी बीमारी के लिए जस्टिफिकेशन नहीं देना पड़ता है.
बाद में महिला ने अपडेट दिया कि उसने कंपनी से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि अब मैनेजर उसकी फाइनल सेटलमेंट से एक वर्क-रिलेटेड कोर्स की फीस काटने की बात कर रहा है, यह दावा करते हुए कि कोर्स पूरा नहीं हुआ. महिला का कहना है कि ऑफर लेटर में ऐसी कोई शर्त नहीं थी.