नई दिल्ली: वेनेजुएला की राजनीति एक बार फिर वैश्विक मंच पर चर्चा में है. विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में हुई ऐतिहासिक मुलाकात ने कई राजनीतिक संकेत दिए हैं. इस बैठक का सबसे चर्चित पहलू रहा मचाडो द्वारा अपना नोबेल शांति पुरस्कार का पदक ट्रंप को सौंपना. यह कदम ऐसे समय आया है, जब वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन, लोकतंत्र और अंतरराष्ट्रीय भूमिका को लेकर तीखी बहस चल रही है.
गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से व्हाइट हाउस में मुलाकात की. यह बैठक एक घंटे से अधिक चली. इसे वेनेजुएला के राजनीतिक भविष्य को लेकर अमेरिका की सक्रियता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि ट्रंप प्रशासन ने अब भी मचाडो को लेकर अपनी राजनीतिक शंकाएं स्पष्ट रखी हैं.
मुलाकात के दौरान मचाडो ने अपना 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार पदक राष्ट्रपति ट्रंप को सौंप दिया. उन्होंने इसे वेनेजुएला की स्वतंत्रता और लोकतंत्र के लिए ट्रंप की प्रतिबद्धता का सम्मान बताया. बाद में व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि यह स्वर्ण पदक अब ट्रंप के पास ही रहेगा, हालांकि नोबेल पुरस्कार औपचारिक रूप से हस्तांतरित नहीं किया जा सकता.
बैठक के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इसे अपने लिए 'सम्मान की बात' बताया. उन्होंने मचाडो को साहसी और संघर्षशील महिला कहा. ट्रंप ने लिखा कि मचाडो ने उन्हें यह पदक उनके द्वारा किए गए कार्यों के सम्मान में दिया, जिसे उन्होंने आपसी सम्मान का प्रतीक बताया.
REPORTER: "Did you offer to President Trump your Nobel Peace Prize?"
— Fox News (@FoxNews) January 16, 2026
MARÍA CORINA MACHADO: "I presented the President of the United States the medal...the Nobel Peace Prize."
"Two hundred years ago, General Lafayette gave Simón Bolívar a medal with George Washington's face on… pic.twitter.com/xR69XpQCk8
व्हाइट हाउस से बाहर निकलते समय मचाडो का उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया. उन्होंने कहा, 'हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं.' इस बयान के बाद समर्थकों ने 'थैंक यू ट्रंप' के नारे लगाए. यह दृश्य दिखाता है कि मचाडो अमेरिकी समर्थन को वेनेजुएला के विपक्ष के लिए एक बड़ी उम्मीद के रूप में पेश कर रही हैं.
हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने साफ किया कि ट्रंप का यह मानना अब भी कायम है कि मचाडो के पास सत्ता संभालने के लिए पर्याप्त घरेलू समर्थन नहीं है. गौरतलब है कि मचाडो को 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने से रोका गया था. स्वतंत्र पर्यवेक्षकों के अनुसार विपक्ष समर्थित उम्मीदवार ने चुनाव जीता, लेकिन सत्ता में बदलाव नहीं हो सका.