नई दिल्ली: अमेरिका की सेना ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट के पास एक तेल टैंकर पर हमला होते हुए साफ दिख रहा है. इस टैंकर पर आग लग गई और धुंआ उठता नजर आ रहा है. यह घटना ओमान की खाड़ी में हुई. इस टैंकर का नाम एम/टी सेटेबेलो है. इसमें कुल 28 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 24 भारतीय थे. अमेरिकी सेना का कहना है कि टैंकर ने उनके दिए गए निर्देशों की बार-बार अनदेखी की, जिसके बाद उन्होंने प्रेसिजन मिसाइल से टैंकर के इंजन रूम में हमला किया.
भारत के लिए दुखद खबर सामने आई है. सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया के अनुसार, ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में दो भारतीय नाविकों आदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई है. इसके अलावा, एक अन्य भारतीय नाविक पटनाला सुरेश अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. यूनियन का कहना है कि यह जानकारी समुद्री कंपनियों से प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर सामने आई है.
यूएस सेंट्रल कमांड ने एक्स पर पोस्ट किया, 9 जून की रात 11:14 बजे यह कार्रवाई की गई. यह लगातार दूसरा दिन था जब अमेरिका ने ब्लॉकेड तोड़ने की कोशिश करने वाले तेल टैंकर को निशाना बनाया. अमेरिका का दावा है कि टैंकर ईरान से तेल ले जा रहा था, जो चल रहे ब्लॉकेड का उल्लंघन था. हमले के बाद टैंकर पूरी तरह से बेकार हो गया और उसमें आग लग गई.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 10, 2026
इस हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम ओमान तट के पास हुए इस हमले की निंदा करते हैं. भारतीय क्रू मेंबरों की स्थिति पर जानकारी देते हुए सरकार ने बताया कि 24 भारतीयों में से 21 को बचा लिया गया है, जबकि 3 भारतीय अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.
#WATCH | Visuals of the Palau-flagged oil tanker MT Settebello, which was attacked off the coast of Oman, near the Strait of Hormuz, on June 10.
— ANI (@ANI) June 11, 2026
The commercial vessel had 24 Indian crew members onboard. While 21 Indians have been rescued, 3 remain missing.
(Video Source:… pic.twitter.com/qIxaBJiCXU
भारत ने अमेरिका के राजदूत को डिमार्श (आधिकारिक विरोध पत्र) सौंपा है. सरकार ने दोनों पक्षों से तुरंत तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समस्या सुलझाने की अपील की है. विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए तुरंत डी-एस्केलेशन और कूटनीतिक समाधान की मांग करते हैं.” भारत का यह भी कहना है कि व्यावसायिक जहाजों और नागरिक सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. समुद्री रास्तों में स्वतंत्र और निर्बाध आवाजाही अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार बहाल की जानी चाहिए.