नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं. बुधवार रात को हजारों लोगों ने रावलाकोट से मुजफ्फराबाद तक कैंडललाइट मार्च निकाला. यह मार्च ज्वाइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के बुलावे पर किया गया, जिसे पाकिस्तान सरकार ने आतंकवाद विरोधी कानून के तहत बैन कर रखा है.
लोगों ने पुलिस कार्रवाई में 20 लोगों की मौत का विरोध किया. JAAC ने लोगों से अपील की थी कि वो बड़े स्तर पर ईदगाह मैदानों पर इकट्ठा हों. पाकिस्तानी सेना ने मार्च रोकने की कोशिश की और सड़क खोद दी, लेकिन इसके बावजूद हजारों लोग जुट गए.
मार्च में शामिल लोगों ने पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की. एक वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी कह रहे हैं, “इस्लामाबाद में जो तख्त पर बैठे हैं... हम तुम्हारी मौत हैं.” इस बड़ी भीड़ ने पाकिस्तान में PoK के लोगों के गुस्से को साफ दिखाया.
Pakistan-occupied Kashmir is witnessing growing unrest.
— The GEOSTRATA (@TheGeostrata) June 11, 2026
Thousands of people from Mirpur, Sudhnoti, Bagh, and other regions have gathered in Rawalakot, with calls for a march towards Muzaffarabad to protest against Shehbaz Sharif and the Pakistani establishment. pic.twitter.com/gsF9lIAhbp
JAAC लंबे समय से PoK में कई मुद्दों पर प्रदर्शन कर रही है. इनमें बेरोजगारी, महंगाई, बिजली की किल्लत और क्षेत्र की उपेक्षा शामिल हैं. उनकी एक बड़ी मांग है कि PoK की विधानसभा में रखी गई 12 शरणार्थी सीटें खत्म की जाएं. ये सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं जो 1947 के बाद पाकिस्तान आ गए थे. स्थानीय लोग इसे अपनी जमीन पर कब्जा मानते हैं.
पाकिस्तान ने इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सख्त कार्रवाई की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में अब तक 11 लोग मारे जा चुके हैं. पाकिस्तान सरकार ने JAAC के टॉप लीडरों जिसमें शौकत नवाज मीर, उमर नजीर कश्मीरी, सरदार अमान और ख्वाजा मेहरान शामिल हैं, की गिरफ्तारी पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर दिया है.
भारत इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है और वे इसे छिपाने के लिए फेक न्यूज और वीडियो का सहारा ले रहे हैं. PoK में आम लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज उठ रही है, लेकिन फिलहाल स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है.