अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यूक्रेन-रूस शांति समझौते पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि यूक्रेन और रूस दोनों को शांति समझौते तक पहुंचने के लिए रियायतें देनी होंगी. यह बयान ऐसे समय में आया है जब खबरें हैं कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए शर्त रखी है कि कीव को पूर्वी डोनबास क्षेत्र रूस को सौंपना होगा. हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शांति के लिए किसी भी क्षेत्र को छोड़ने से साफ इनकार किया है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जोर देकर कहा कि अमेरिका यूक्रेन और रूस के बीच समझौता कराने के लिए हर संभव प्रयास करेगा, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि तीन साल से अधिक समय से चल रहे इस युद्ध को समाप्त करने का परिदृश्य बनाना वाशिंगटन के लिए संभव नहीं हो सकता.
युद्ध जारी रहा तो होंगे भयावह हालात
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सीबीएस के "फेस द नेशन" शो में इंटरव्यू के दौरान कहा, "यदि यहां शांति संभव नहीं हुई और यह युद्ध इसी तरह जारी रहा, तो हजारों लोग मरते रहेंगे. हम शायद दुर्भाग्यवश उस स्थिति में पहुंच जाएं, लेकिन हम ऐसा नहीं चाहते,. साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि शांति समझौता नहीं हुआ तो रूस को ‘अतिरिक्त परिणाम’ भुगतने होंगे.
ट्रंप ने की रूस पर ‘बड़ी प्रगति’ की घोषणा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (17 अगस्त) को रूस के साथ "बड़ी प्रगति" की घोषणा की. यह बयान अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन के बाद आया, जिसका उद्देश्य यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करना था. ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, "रूस पर बड़ी प्रगति, बने रहें!" हालांकि, उन्होंने इस प्रगति का विवरण नहीं दिया.
व्हाइट हाउस में जेलेंस्की के साथ होगी अहम बैठक
डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी सोमवार को व्हाइट हाउस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ होने वाली बैठक से पहले आई है. इस बैठक में यूरोप के कई प्रमुख नेता भी शामिल होंगे. वहीं, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, नाटो महासचिव मार्क रटे, इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और यूके प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने वाशिंगटन डीसी में इस चर्चा में भाग लेने की पुष्टि की है.