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India Daily

ईरान से जंग की भारी कीमत चुका रहा अमेरिका, अब तक 3.3 अरब डॉलर के विमान और ड्रोन हुए तबाह

कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की रिपोर्ट के अनुसार ईरान युद्ध में अमेरिका के कम से कम 81 विमान, हेलिकॉप्टर और ड्रोन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए, जिनकी अनुमानित कीमत 3.3 अरब डॉलर है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ईरान से जंग की भारी कीमत चुका रहा अमेरिका, अब तक 3.3 अरब डॉलर के विमान और ड्रोन हुए तबाह
Courtesy: pinterest

ईरान के साथ युद्ध में अमेरिकी सेना को बड़ा सैन्य और आर्थिक नुकसान होने का दावा किया गया है. कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के बाद अमेरिका के कम से कम 81 विमान, ड्रोन और हेलिकॉप्टर नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं. इनकी कुल कीमत करीब 3.3 अरब डॉलर तक आंकी गई है.

रिपोर्ट में अमेरिका के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ निगरानी, ईंधन भरने और मानवरहित अभियानों में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म शामिल हैं. इनमें F-15E, F-35A, E-3 Sentry और बड़ी संख्या में MQ-9 Reaper ड्रोन शामिल हैं.

12 F-15E Strike Eagle प्रभावित

CRS के अनुसार, युद्ध के दौरान 12 F-15E Strike Eagle प्रभावित हुए. इनमें से तीन विमान 2 मार्च को कुवैत के ऊपर कथित ‘फ्रेंडली फायर’ घटनाओं में गिराए गए. प्रत्येक F-15E की कीमत 3 करोड़ डॉलर से अधिक बताई गई है.

अगले महीने ईरान के ऊपर एक और F-15E गिराया गया. इसके अलावा आठ F-15E को 9 और 10 सितंबर को जॉर्डन स्थित  
मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस पर ईरानी हमलों के दौरान मामूली नुकसान हुआ. रिपोर्ट के अनुसार, क्षतिग्रस्त विमानों को बाद में फिर सेवा में लौटा दिया गया.

45 MQ-9 Reaper ड्रोन का नुकसान

अमेरिकी नुकसान में सबसे बड़ा हिस्सा मानवरहित विमानों का है. CRS विश्लेषण के मुताबिक कम से कम 45 MQ-9 Reaper ड्रोन खोए हैं. इनकी कीमत उपकरण और कॉन्फिगरेशन के आधार पर लगभग 3 करोड़ से 5 करोड़ डॉलर प्रति ड्रोन बताई जाती है.

Reaper ड्रोन मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी और टोही अभियानों में इस्तेमाल होते हैं. इनसे सटीक हमले भी किए जा सकते हैं. अमेरिकी वायुसेना के एक जनरल ने मई में सीनेट को बताया था कि परिचालन में मौजूद Reaper की संख्या घटकर 135 रह गई थी.

 F-35A भी हुआ क्षतिग्रस्त

रिपोर्ट में F-35A Lightning II को हुए नुकसान का भी उल्लेख है. पांचवीं पीढ़ी के इस स्टील्थ लड़ाकू विमान की कीमत 9.2 करोड़ डॉलर से अधिक बताई जाती है. 19 मार्च को ईरानी गोलीबारी की चपेट में आने के बाद इसे नुकसान पहुंचा.

F-35A में स्टील्थ क्षमता के साथ उन्नत सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और नेटवर्क आधारित युद्धक क्षमताएं हैं. इसलिए ऐसे विमान को नुकसान पहुंचना आर्थिक नुकसान के साथ परिचालन क्षमता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है.

 270 मिलियन डॉलर का E-3 Sentry

अमेरिका को E-3 Sentry निगरानी विमान का भी नुकसान हुआ. इसकी अनुमानित कीमत करीब 27 करोड़ डॉलर बताई गई है. Boeing 707 के एयरफ्रेम पर आधारित E-3 हवाई निगरानी, कमांड और कंट्रोल के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

2015 तक अमेरिकी वायुसेना के पास 32 E-3 विमान परिचालन में थे. ऐसे में एक विमान का नुकसान विशेष निगरानी प्लेटफॉर्म की सीमित संख्या पर असर डाल सकता है.

 A-10 और रिफ्यूलिंग विमान भी प्रभावित

CRS सूची में दो A-10 Thunderbolt II हमलावर विमान भी शामिल हैं. इनमें से एक अप्रैल में खोया, जबकि दूसरा सितंबर में जॉर्डन के एयरबेस पर हुए हमले में क्षतिग्रस्त हुआ.

इसके अलावा सात KC-135 Stratotanker हवा में ईंधन भरने वाले विमान भी प्रभावित हुए. ये विमान लंबी दूरी के अभियानों में लड़ाकू विमानों और अन्य एयरक्राफ्ट को हवा में ईंधन उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण हैं.

 हेलिकॉप्टर और विशेष विमान भी नुकसान में

नुकसान की सूची में विशेष अभियानों और बचाव कार्यों से जुड़े दो MC-130J Commando II विमान और एक HH-60W Jolly Green II हेलिकॉप्टर भी शामिल हैं.

इसके अलावा एक MQ-4C Triton निगरानी ड्रोन, तीन MQ-1 ड्रोन, एक AH-64 Apache, चार AH-6 Little Bird और एक MH-60 Sea Hawk भी प्रभावित हुए हैं.

 81 प्लेटफॉर्म का पूरा ब्यौरा

CRS विश्लेषण में शामिल नुकसान में 12 F-15E, एक F-35A, दो A-10, सात KC-135, एक E-3, दो MC-130J, एक HH-60W, एक MQ-4C, तीन MQ-1, एक AH-64, चार AH-6, एक MH-60 और 45 MQ-9 Reaper शामिल हैं.

 आर्थिक नुकसान के साथ परिचालन दबाव

इन आंकड़ों से अमेरिकी सैन्य अभियानों पर पड़े आर्थिक और परिचालन दबाव का अंदाजा मिलता है. हालांकि कुछ क्षतिग्रस्त विमान मरम्मत के बाद दोबारा सेवा में लौट चुके हैं, लेकिन महंगे लड़ाकू विमानों, विशेष निगरानी प्लेटफॉर्म और बड़ी संख्या में ड्रोन के नुकसान से अमेरिकी सेना पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है.