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India Daily

अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद पर की एयरस्ट्राइक, मुनीर के करीबी सलाहकार की हुई मौत; युद्ध का खतरा बढ़ा

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमलों का दावा किया है, जिसमें इस्लामाबाद के पास एक कैंप भी शामिल है. दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने खुले संघर्ष की आशंका को और गहरा कर दिया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद पर की एयरस्ट्राइक, मुनीर के करीबी सलाहकार की हुई मौत; युद्ध का खतरा बढ़ा
Courtesy: @OpinionKraft

नई दिल्ली: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अफगान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. यह कार्रवाई कथित तौर पर पाकिस्तान द्वारा अफगान शहरों में की गई घुसपैठ के जवाब में की गई है. इस घटनाक्रम ने दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है तथा क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं.

पाकिस्तान के ठिकानों पर हमले का दावा

अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे वायुसेना ने इस्लामाबाद के पास फैसलाबाद क्षेत्र के निकट एक सैन्य कैंप को निशाना बनाया. इसके अलावा नौशेरा आर्मी कैंटोनमेंट, जमरूद की सैन्य कॉलोनी और एबटाबाद के ठिकानों पर भी हमले किए जाने का दावा किया गया. मंत्रालय ने कहा कि अभियान सफल रहा और कई अहम ठिकाने प्रभावित हुए.

हताहतों को लेकर अलग-अलग दावे

अफगानिस्तान पक्ष का कहना है कि इन हमलों में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के एक सलाहकार की मौत हुई. हालांकि, नुकसान और हताहतों की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है. अफगानिस्तान ने दावा किया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि उसके 8 सैनिकों की जान गई और 11 घायल हुए. दूसरी ओर पाकिस्तान ने इन आंकड़ों को खारिज किया है.

पाकिस्तान ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि हालात अब खुले युद्ध जैसे हो चुके हैं. उन्होंने संकेत दिया कि पाकिस्तान अब सख्त कदम उठाएगा. पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में 133 तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए. साथ ही, किसी भी सैनिक के पकड़े जाने से इनकार किया गया है.

सीमा पर बढ़ता मानवीय संकट

सीमा पर बढ़ती झड़पों के बीच टोरखम बॉर्डर से कई अफगान शरणार्थियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, पिछले वर्ष लगभग 29 लाख लोग पाकिस्तान से अफगानिस्तान लौटे थे. इस वर्ष भी हजारों लोगों की वापसी जारी है. दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास पहले भी हुए, लेकिन मौजूदा हालात ने शांति की उम्मीदों को फिर से कमजोर कर दिया है.