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ईरान पर हमले के लिए अमेरिका का ब्लूप्रिंट तैयार? अलग-अलग नेताओं को बना सकता है निशाना

अमेरिका कभी भी ईरान पर हमला कर सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक हमले का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है. वहीं मिलिट्री प्लानिंग भी एडवांस लेवल तक पहुंच चुकी है.

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Edited By: Shanu Sharma
ईरान पर हमले के लिए अमेरिका का ब्लूप्रिंट तैयार? अलग-अलग नेताओं को बना सकता है निशाना
Courtesy: ANI

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव अभी भी कम नहीं हुआ है, किसी भी समय वहां युद्ध शुरु हो सकता है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की तैयारी पूरी कर ली हैं, हमले का ब्लूप्रिंट भी तैयार है. अमेरिका की मिलिट्री प्लानिंग एडवांस स्टेज तक पहुंच गई है.

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अगर राष्ट्रपति ट्रंप का ऑर्डर आता है तो तेहरान में सरकार बदलने की भी कोशिश की जाएगी. मिलिट्री ऑप्शन ने इस बात का संकेत दिया है कि अगर डिप्लोमैटिक कोशिश फेल होती है तो किसी भी समय लड़ाई शुरु हो सकती है.

डिटेल्ड और बड़ी प्लानिंग के साथ ट्रंप हमले के लिए तैयार 

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बातचीत भी की जा रही है. हालांकि पिछला दो बैठक फेल हो चुका है, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच कभी भी युद्ध शुरु होने के कयास लगाए जा रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो अमेरिका सबसे पहले न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला कर सकता है. इसके अलावा अलग-अलग नेताओं को भी निशाना बना सकता है. नए खुलासे के मुताबिक ट्रंप इस बार डिटेल्ड और बड़ी प्लानिंग के साथ हमले की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि अभी इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि इस हमले में किन लोगों को टारगेट करने का प्लान किया जा रहा है. हालांकि ग्राउंड पर कोई हलचल नहीं है लेकिन हवा और पानी में ट्रंप ने अपनी तैयारी पूरी कर रखी है. माना जा रहा कि बिना ग्राउंड फोर्स के भी ट्रंप रिजीम चेंज करने की कोशिश कर सकते हैं. 

अमेरिकी मिलिट्री को ट्रंप के इशारे का इंतजार 

डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट को चारों तरफ से घेर लिया  है. वॉरशिप्स और फाइटर एयरक्राफ्ट्स भी रेडी मूड में है. हालांकि ईरान भी पीछे हटने के लिए बिल्कुल तैयार नजर नहीं आ रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध ना हो इसके लिए तुर्की और सऊदी अरब के मीडिल ईस्ट कंट्री लगातार कोशिश कर रहे हैं. लेकिन अभी तक दो मीटिंग लगभग फेल हो चुकी है. डोनाल्ड ट्रंप द्वारा थोड़े-थोड़े समय पर ईरान को धमकी दी जा रही है, वहीं ईरान भी लगातार अपनी प्रतिक्रियाओं में यह कह रहा है कि वे भी अमेरिका को अपने आतंरिक मामलों पर फैसला लेने देने के लिए तैयार नहीं हैं.