नई दिल्ली: ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर दिया है. इस बात का ऐलान ईरान की सैन्य कमान ने गुरुवार को किया. ईरानी सेना ने साफ कहा है कि अब कोई भी तेल टैंकर या व्यावसायिक जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकेगा. अगर कोई जहाज गुजरने की कोशिश करेगा तो उसे निशाना बनाकर गोली चलाई जाएगी.
इसके साथ ही ईरान ने कहा कि जहाजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब खुद उन देशों और कंपनियों पर होगी. अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने यह कदम उठाया है. अमेरिकी सेना ने बुधवार रात को ईरान पर फिर से हमले शुरू कर दिए थे. ईरानी मीडिया के अनुसार, देश के दक्षिणी इलाके में होर्मुज के पास बंदर अब्बास, केशम द्वीप, मिनाब और सिरिक शहरों में जोरदार धमाके हुए. इसके तुरंत बाद ईरान ने होर्मुज बंद करने का फैसला लिया.
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है. दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल और एक तिहाई एलएनजी इसी रास्ते से गुजरता है. अगर यह रास्ता बंद रहा तो वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति रुक जाएगी. इससे तेल की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ सकती हैं. भारत भी इस संकट से सीधे प्रभावित होगा. भारत खाड़ी देशों से बहुत ज्यादा तेल और गैस आयात करता है. होर्मुज बंद होने से भारत में पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं और ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है.
ईरान का कहना है कि खाड़ी के देशों को अमेरिका और इजरायल के हमलों के लिए अपनी जमीन इस्तेमाल नहीं करने देनी चाहिए. वहीं, अमेरिकी सेना ने कहा है कि होर्मुज से जहाजों का आना-जाना अभी भी जारी है. इस घटना से पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध फैलने का खतरा बढ़ गया है. सीजफायर टूटने की आशंका भी ज्यादा हो गई है.