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India Daily

Trump Putin Alaska Summit: 'युद्ध समाप्त करने का समय आ गया है', ट्रंप-पुतिन की मुलाकात पर जेलेंस्की ने दिया रिएक्शन

अलास्का में ट्रंप-पुतिन की मुलाकात के दौरान, ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन के लिए बहुत कुछ दांव पर लगने का ज़ोर दिया और त्रिपक्षीय वार्ता के ज़रिए न्यायपूर्ण शांति का रास्ता तलाशने की कोशिश की.

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Edited By: Mayank Tiwari
Trump Putin Alaska Summit: 'युद्ध समाप्त करने का समय आ गया है', ट्रंप-पुतिन की मुलाकात पर जेलेंस्की ने दिया रिएक्शन
Courtesy: X

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में होने वाली बैठक में बहुत कुछ दांव पर लगा होगा. यह मुलाकात यूरोपीय सुरक्षा और यूक्रेन में चल रहे युद्ध के भविष्य को प्रभावित कर सकती है. शुक्रवार (15 अगस्त) को होने वाली इस बैठक में वैश्विक कूटनीति की दिशा बदलने की संभावना है. ट्रंप और पुतिन के बीच जून 2021 में पुतिन और जो बाइडन की मुलाकात के बाद पहली व्यक्तिगत बैठक होगी.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जेलेंस्की ने कीव में स्टाफ बैठक बुलाने की जानकारी दी, जिसमें तीन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई. उन्होंने कहा, "पोक्रोव्स्क सेक्टर सहित युद्धक्षेत्र की स्थिति हमारी प्राथमिकता है. हम रूसी सेनाओं के पकड़ मजबूत करने के प्रयासों का मुकाबला कर रहे हैं और अपनी यूनिटों के दबाव को बढ़ा रहे हैं. हम सफल हो रहे हैं.

रूसी सेना को हो रहा भारी नुकसान- जेलेंस्की

जेलेंस्की ने दावा किया कि रूसी सेना को "अलास्का बैठक में अपने नेतृत्व के लिए बेहतर राजनीतिक स्थिति हासिल करने की कोशिश में भारी नुकसान हो रहा है." उन्होंने कहा, "हम इस योजना को समझते हैं और अपने सहयोगियों को जमीनी हकीकत से अवगत करा रहे हैं. अलास्का शिखर सम्मेलन के बारे में ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन्हें “रूसी पक्ष के वर्तमान इरादों और बैठक की तैयारियों पर हमारी खुफिया एजेंसी से एक रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है.

शिखर सम्मेलन पर जेलेंस्की की उम्मीदें

बैठक का ज़िक्र करते हुए उन्होंने लिखा, "वाकई, बत कुछ दांव पर लगा है. इसमें मुख्य बात यह है कि इस बैठक से न्यायपूर्ण शांति की दिशा में एक वाविक रास्ता खुले और यूक्रेन, अमेरिका और रूसी पक्ष के नेताओं के बीच त्रिपक्षीय प्रारूप में एक ठोस चर्चा हो.  उन्होंने युद्ध समाप्त करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, "युद्ध को खत्म करने का समय आ गया है, और रूस को आवश्यक कदम उठाने होंगे. हम अमेरिका पर भरोसा कर रहे हैं. हम हमेशा की तरह उत्पादक रूप से काम करने को तैयार हैं.

जानिए ट्रंप ने क्या कहा?

एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि यूक्रेन को यूरोपीय देशों के साथ मिलकर सुरक्षा गारंटी दी जा सकती है, लेकिन "नाटो के रूप में नहीं." उन्होंने यह भी कहा कि शांति समझौते के तहत जमीन छोड़ने का फैसला यूक्रेन के लोगों पर निर्भर है.

ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि वे सही निर्णय लेंगे. मैं यहां यूक्रेन के लिए सौदेबाजी करने नहीं आया, बल्कि उन्हें बातचीत की मेज पर लाने आया हूं." उन्होंने इस मुलाकात को "बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ"  बताते हुए चेतावनी दी कि असफल होने पर "गंभीर परिणाम" होंगे. फॉक्स न्यूज रेडियो से बातचीत में उन्होंने कहा, "दूसरी बैठक बहुत महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वहां सौदा होगा.

यूक्रेन की अनुपस्थिति और पश्चिमी देश क्या बोले!

जेलेंस्की को इस बैठक से बाहर रखना पश्चिम के "यूक्रेन के बिना यूक्रेन पर कोई फैसला नहीं" सिद्धांत के लिए झटका माना जा रहा है. इस बीच, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और जेलेंस्की ने गुरुवार और शुक्रवार को दो बार बात की, और मैक्रॉन के कार्यालय ने कहा कि दोनों नेता अमेरिका-रूस शिखर सम्मेलन के बाद मुलाकात करेंगे, जब यह "सबसे उपयोगी और प्रभावी" होगा.