ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर ने यूक्रेन के साथ एक ऐतिहासिक 100 साल की साझेदारी का समझौता किया है. यह साझेदारी स्वास्थ्य, सैन्य तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए है. स्टॉर्मर ने वादा किया कि रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त होने पर यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.
यह घोषणा स्टॉर्मर की कीव यात्रा के दौरान की गई, जो उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली थी. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम यूक्रेन की स्वतंत्रता, सुरक्षा और भविष्य चुनने के अधिकार की गारंटी देंगे.”
सैन्य सहयोग और सुरक्षा की प्राथमिकता
इस डील के तहत, ब्रिटेन सैन्य सहयोग को मजबूत करने के लिए एक संरचना बनाएगा, जो बाल्टिक सागर, ब्लैक सागर और एजोव सागर की सुरक्षा को बेहतर बनाएगी. स्टॉर्मर ने 3 बिलियन पाउंड प्रतिवर्ष की सैन्य सहायता जारी रखने का वादा किया है, जो यूक्रेन को वर्तमान और भविष्य में मजबूती प्रदान करेगा.
इसके अलावा, यूक्रेन की आर्थिक पुनर्बहाली के लिए 40 मिलियन पाउंड का वादा किया गया है. हालांकि, आर्थिक मदद कब प्रदान की जाएगी, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है.
Today, together with the Prime Minister of the United Kingdom, @Keir_Starmer, we signed a One Hundred Year Partnership Agreement.
— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) January 16, 2025
I thank the teams from Ukraine and the United Kingdom for all the work they have done to prepare this Agreement. This comprehensive Agreement builds… pic.twitter.com/kKv4XzvKod
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का स्वागत
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे "अत्यंत महत्वपूर्ण" बताया. उन्होंने कहा कि यह डील शिक्षा, तकनीक और वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में लंबे समय तक लाभदायक सिद्ध होगी.
जेलेंस्की ने एक महत्वपूर्ण बात यह भी जोड़ी कि समझौते में एक "गोपनीय हिस्सा" भी शामिल है, हालांकि इसका विवरण साझा नहीं किया गया.
रूस-यूक्रेन युद्ध की छाया में हुआ समझौता
इस समझौते के दौरान, रूसी ड्रोन हमले की गूंज कीव में सुनी गई, जिससे युद्ध की चुनौतीपूर्ण स्थिति का अहसास हुआ. स्टॉर्मर ने कहा, "यूक्रेन जिस असाधारण साहस और संकल्प से इन खतरों का सामना कर रहा है, वह प्रेरणादायक है."
डील का वैश्विक प्रभाव और अन्य सहयोगियों की प्रतिक्रिया
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन की यह पहल अन्य देशों को भी इसी तरह की दीर्घकालिक साझेदारी की ओर प्रेरित करेगी. ब्रिटेन पहले ही 2023 में चैलेंजर 2 टैंक्स सहित अन्य सैन्य सहायता प्रदान कर यूक्रेन के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखा चुका है.
सिनियर राजनीतिक विशेषज्ञ बेंजामिन मार्टिल के अनुसार, यह डील केवल एक रणनीतिक संकेत नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है.