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India Daily

बांग्लादेश में 24 घंटे में दो हिंदुओं की बेरहमी से हत्या, एक व्यापारी को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और अत्याचार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले 24 घंटों के भीतर दो अलग-अलग जिलों में दो हिंदू नागरिकों की नृशंस हत्या ने पूरे देश में दहशत और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
बांग्लादेश में 24 घंटे में दो हिंदुओं की बेरहमी से हत्या, एक व्यापारी को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट
Courtesy: X

नई दिल्ली: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और अत्याचार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले 24 घंटों के भीतर दो अलग-अलग जिलों में दो हिंदू नागरिकों की नृशंस हत्या ने पूरे देश में दहशत और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है.

गाजीपुर और राजबाड़ी जिलों से आई इन खबरों ने एक बार फिर वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बता दें कि बांग्लादेश में हिंदुओं की मौत का सिलसिला लगातार चलात आ रहा है. ऐसे में 24 घंटे में दो हत्या एक बढ़ा चौंकाने वाला दृश्य है.

मामूली विवाद में बेलचे से की हत्या

ताजा और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना शनिवार सुबह गाजीपुर के कालिगंज इलाके की है. यहां लिटन चंद्र घोष (60) जो बोयीशाखी स्वीट एंड होटल के मालिक थे, उनकी दिनदहाड़े पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. चश्मदीदों के मुताबिक, होटल के एक कर्मचारी और ग्राहक के बीच मामूली कहासुनी हुई थी. इसी बीच लिटन घोष बीच-बचाव करने आए, तो हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया. 

लात-घूंसों की बरसात

हमलावरों ने बुजुर्ग लिटन घोष पर लात-घूंसों की बरसात कर दी और उन पर लोहे के बेलचे (Shovel) से जानलेवा वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है.

पेट्रोल का पैसा मांगने पर गाड़ी से कुचला

इससे ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार को राजबाड़ी जिले में एक और रूहानी घटना सामने आई. रिपन साहा जो एक फिलिंग स्टेशन पर काम करते थे, उन्हें जानबूझकर एक वाहन चालक ने कुचल दिया. रिपन ने एक वाहन चालक को ईंधन के पैसे भुगतान न करने पर रोकने की कोशिश की थी. आरोपी चालक ने पैसे देने के बजाय रिपन पर गाड़ी चढ़ा दी और भाग निकला. इस घटना के बाद स्थानीय हिंदुओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.

सड़कों पर उतरा गुस्सा

इन दो हत्याओं के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण कट्टरपंथी तत्व अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहे हैं. कालिगंज और राजबाड़ी दोनों क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, लेकिन लोगों में डर साफ देखा जा सकता है.