नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में हैं. एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि व्हाइट हाउस में वरिष्ठ सलाहकार की भूमिका निभाने के दौरान उनके फोन की गतिविधियों पर डच खुफिया एजेंसियों की नजर थी. रिपोर्ट के अनुसार, इस निगरानी के दौरान खाड़ी देशों से जुड़े कुछ ऐसे वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिली, जिनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल के नेताओं के नाम सामने आए.
वैनिटी फेयर की रिपोर्ट मैथ्यू कोल की आगामी किताब प्रिंसेस एंड थीव्स: जेरेड कुशनर एंड मोहम्मद बिन जायद्स सीक्रेट प्लॉट टू रीमेक द मिडिल ईस्ट के एक अंश पर आधारित है. इसमें दावा किया गया है कि ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान डच खुफिया एजेंसियों ने कुशनर के आईफोन की गतिविधियों पर नजर रखी. रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दौरान UAE से जुड़े एक बैंक खाते तक उनकी कथित पहुंच की जानकारी मिली.
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 750 मिलियन डॉलर फर्स्ट अबू धाबी बैंक के एक खाते में ट्रांसफर किए गए थे. यह खाता UAE सरकार से वित्तपोषित वतनी अल एमारत फाउंडेशन से जुड़ा बताया गया है. दावा है कि कुशनर इस खाते पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत थे, लेकिन उसके मालिक नहीं थे. रिपोर्ट में खाते की देखरेख से जुड़े संदर्भ में तहनून बिन जायद का नाम भी आया है, जो UAE के शासक मोहम्मद बिन जायद के भाई हैं.
कुशनर ने रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें मनगढ़ंत बताया. सोशल मीडिया मंच X पर उन्होंने कहा कि कल्पना और प्रचार को खोजी पत्रकारिता के रूप में पेश किया जा रहा है. उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की. रिपोर्ट में शामिल दावों को अब तक किसी गलत काम का प्रमाण नहीं माना गया है.
.@VanityFair posted an excerpt from a book containing outrageous and categorically false allegations. The allegations made by this author are completely insane and never happened. We denied every one of these claims on the record, yet the author failed to provide a single shred of evidence to substantiate any of them. No bank statements, wire transfer records, account numbers, transaction dates, or other verifiable details were provided to support these extraordinary accusations. During the period in question, I was one of the most scrutinized people in the world, subjected to intense media coverage, multiple congressional investigations, and a special counsel investigation. I voluntarily cooperated with these investigations, providing over 30 hours of testimony. None of these allegations ever surfaced, because none of these events ever happened. These are outrageous fabrications being presented as investigative journalism. This is not journalism. It is a mixture of fantasy, fiction, and advocacy, written by someone who is either deeply disturbed or acting with sinister intent.
— Jared Kushner (@jaredkushner) October 22, 2026
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोहम्मद बिन जायद और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान एक ऐसे फंड की योजना से जुड़े थे, जिससे ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती थी. बताया गया है कि यह विचार आगे नहीं बढ़ा, लेकिन कुशनर से जुड़े दो खातों में कम से कम 2 अरब डॉलर जमा किए गए. रिपोर्ट में उनके निजी लाभ के लिए एक अन्य खाते से 1 अरब डॉलर ट्रांसफर किए जाने का भी आरोप है.