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India Daily

अरुणाचल बॉर्डर पर अब भी आमने-सामने भारत-चीन की सेनाएं? ITBP प्रमुख का बयान, मचा घमासान

भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव को लेकर आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है.

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Edited By: Reepu Kumari
अरुणाचल बॉर्डर पर अब भी आमने-सामने भारत-चीन की सेनाएं? ITBP प्रमुख का बयान, मचा घमासान

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है. भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में सीमा पर बने हालात को लेकर अहम बयान दिया है. उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में कई बार ऐसी परिस्थितियां बनीं, जब भारतीय और चीनी सैनिक आमने सामने आ गए. उनके मुताबिक, इस तरह की स्थिति अब भी बनी हुई है. उनके बयान ने सीमा सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

अरुणाचल में कई बार आमने सामने आए सैनिक

आईटीबीपी प्रमुख शत्रुजीत कपूर ने एक कार्यक्रम में कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कई बार भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने सामने आने की स्थिति बनी है. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां अभी भी जारी हैं. हालांकि, उपलब्ध बयान में इन घटनाओं की तारीख, स्थान या उनमें शामिल सैनिकों की संख्या का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया. इसलिए इसे सीमा पर हर जगह लगातार सैन्य झड़प होने के दावे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

शौर्य कमांडो टीमों की भूमिका पर जोर

कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में तैनात शौर्य कमांडो टीमों के काम की सराहना की. उन्होंने कहा कि इन टीमों ने अच्छा प्रदर्शन किया है और उनका गठन एक नई पहल का हिस्सा था. उनका बयान ऐसे समय आया है, जब भारत चीन सीमा पर सुरक्षा और सैनिकों की तैयारी को लेकर चर्चा हो रही है. दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात जवानों के लिए कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच चौकसी बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है.

आईटीबीपी की भूमिका में बदलाव का जिक्र करते हुए कपूर ने बताया कि बल की शुरुआत माउंटेन गुरिल्ला फोर्स के रूप में हुई थी. बाद में इसने चीन सीमा की सुरक्षा संभालने वाली परंपरागत सैन्य भूमिका विकसित की. 

जयराम रमेश ने केंद्र सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच X पर इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद को विश्वगुरु बताने वाले नेतृत्व ने चीन को छूट दे रखी है

डोकलाम विवाद की याद फिर ताजा

भारत और चीन के बीच वर्ष 2017 में डोकलाम क्षेत्र में लंबा सैन्य गतिरोध हुआ था. उस समय दोनों देशों की सेनाएं आमने सामने थीं और विवाद ने व्यापक राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया था. संसद में भी यह मुद्दा उठा था और विपक्ष ने केंद्र सरकार से सवाल किए थे. मौजूदा बयान के बाद डोकलाम का संदर्भ फिर चर्चा में आया है. हालांकि, अरुणाचल प्रदेश में बताई गई हालिया परिस्थितियों और 2017 के डोकलाम गतिरोध को अलग अलग घटनाओं के रूप में समझना जरूरी है.