नई दिल्ली: बुधवार को खाड़ी किनारे बसे दम्माम की रात अचानक बेचैन हो गई. किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ लोग घायल हुए. एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है. इसकी जानकारी सऊदी सिविल एविएशन अथॉरिटी ने गुरुवार सुबह दी. वहीं फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटरडार24 ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि रात के दौरान कई उड़ानों का रूट बदला गया. हमले का असर सिर्फ जमीन तक नहीं, आसमान तक पहुंचा.
दम्माम का किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में फारस की खाड़ी के पास है. बहरीन और कतर यहां से ज्यादा दूर नहीं हैं. ऐसे संवेदनशील इलाके में किसी एयरपोर्ट पर हमला होना अपने आप में बड़ी खबर है. सऊदी सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक एयरपोर्ट को कुछ नुकसान पहुंचा है, लेकिन यह कितना है, इसका पूरा ब्योरा अभी सामने नहीं आया है. घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है.
हमले का असर उड़ान सेवाओं पर भी दिखा. फ्लाइटरडार24 के मुताबिक रात के दौरान कई उड़ानों को एयरपोर्ट से दूर मोड़ा गया. यात्रियों और एयरलाइंस के लिए यह रात आसान नहीं रही होगी, क्योंकि अचानक बदले रूट का मतलब देरी, इंतजार और अनिश्चितता होता है. हालांकि प्रभावित उड़ानों की संख्या या एयरलाइंस के नाम अभी बताए नहीं गए हैं. सुरक्षा सबसे पहले आती है और विमानों को दूसरी दिशा में भेजना सावधानी का कदम माना जाता है.
इसी बीच सऊदी गठबंधन ने बताया कि उसने देश के पूर्वी क्षेत्र में ड्रोन के चार हमले इंटरसेप्ट किए, यानी उन्हें निशाने तक पहुंचने से पहले रोक दिया. मतलब पूर्वी इलाके में एक साथ कई हमले की कोशिश हुई. दूसरी ओर, ईरान समर्थित हूतियों ने ताजा हमले पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है. हमले की जिम्मेदारी को लेकर तस्वीर इसलिए अभी साफ नहीं है. सऊदी अरब में हाल के दिनों में ऐसी घटनाएं लगातार सामने आई हैं.
एयरपोर्ट हमले से पहले दक्षिण-पूर्वी सऊदी अरब में अरामको के शायबह तेल क्षेत्र में भी हादसा हुआ. सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और दो घायल हुए. मृतकों में नेपाली और फिलिपिनो नागरिक थे, जबकि घायल पाकिस्तानी और भारतीय थे. मलबे से एक ठेकेदार के वाहन में आग भी लग गई. अलग-अलग देशों के लोगों का इसकी जद में आना हालात की गंभीरता बताता है.
पिछले महीने इंटरसेप्ट किए गए हूती ड्रोन के मलबे की चपेट में आकर सऊदी अरब में रहने वाले एक यमनी नागरिक की जान गई थी. हूतियों के सऊदी शिपिंग और तेल ठिकानों पर हमले बढ़ाने के बाद यह पहली नागरिक मौत थी. इस महीने की शुरुआत में पूर्वी प्रांत में हुए एक हमले के बाद अरामको की प्रशासनिक इमारत में सीमित स्तर पर आग लगी थी. ताजा घटना ने चिंता और गहरा दी है.