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Nobel Prize 2026: आखिर आते कहां से हैं नोबेल विजेता को मिलने वाले रुपये और कैसे बंटती है रकम? जानें

नोबेल पुरस्कार 2026 में प्रत्येक पुरस्कार की नकद राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर है. इस रकम का आर्थिक आधार मुख्य रूप से अल्फ्रेड नोबेल की संपत्ति से बने नोबेल फाउंडेशन के निवेश हैं.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Nobel Prize 2026: आखिर आते कहां से हैं नोबेल विजेता को मिलने वाले रुपये और कैसे बंटती है रकम? जानें
Courtesy: Pinterest

Nobel Prize 2026: नोबेल पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है. विज्ञान, साहित्य, शांति और मानवता के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों को यह सम्मान दिया जाता है. सम्मान और अंतरराष्ट्रीय पहचान के साथ विजेताओं को बड़ी नकद राशि भी मिलती है. साल 2026 में प्रत्येक नोबेल पुरस्कार की नकद राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर है. यह रकम 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक बैठती है.

2026 में मेडिसिन के नोबेल पुरस्कार के लिए जर्मनी के पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल तथा अमेरिका के कार्ल डाइसेरोथ को चुना गया है. उन्हें ऑप्टोजेनेटिक्स के विकास में योगदान के लिए सम्मानित किया गया है. इस तकनीक की मदद से वैज्ञानिक रोशनी के जरिए खास न्यूरॉन्स को नियंत्रित करके उनके काम करने के तरीके को समझ सकते हैं. अब सवाल यह है कि नोबेल पुरस्कार के साथ दी जाने वाली इतनी बड़ी रकम आखिर आती कहां से है. इसकी कहानी करीब 130 साल पहले अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत से शुरू होती है.

अल्फ्रेड नोबेल की संपत्ति से बना था फंड

स्वीडिश वैज्ञानिक, आविष्कारक और कारोबारी अल्फ्रेड नोबेल का निधन 1896 में हुआ था. वह डायनामाइट के आविष्कार के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हुए. अपनी वसीयत में उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा ऐसे पुरस्कारों के लिए इस्तेमाल करने का निर्देश दिया, जो मानवता के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले लोगों को दिए जाएं.

उनकी संपत्ति से करीब 3.1 करोड़ स्वीडिश क्रोनर अलग रखे गए थे. इस रकम को व्यवस्थित तरीके से संभालने और आने वाली पीढ़ियों तक पुरस्कारों का आर्थिक आधार बनाए रखने के लिए साल 1900 में नोबेल फाउंडेशन की स्थापना की गई.

सिर्फ पैसा खर्च नहीं करता नोबेल फाउंडेशन

नोबेल फाउंडेशन हर साल अपनी मूल पूंजी को सीधे खर्च नहीं करता. इसके बजाय फंड की रकम को अलग-अलग जगहों पर निवेश किया जाता है. इसमें शेयर, बॉन्ड, रियल एस्टेट और अन्य निवेश शामिल हैं. इन निवेशों से मिलने वाली कमाई का इस्तेमाल पुरस्कार राशि देने और नोबेल पुरस्कार से जुड़े प्रशासनिक खर्चों को पूरा करने में किया जाता है. इस निवेश मॉडल की वजह से फाउंडेशन लंबे समय तक अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने और बढ़ाने में सफल रहा है.

2024 तक नोबेल फाउंडेशन की संपत्ति करीब 6.6 बिलियन स्वीडिश क्रोनर बताई गई थी. यानी आज विजेताओं को मिलने वाली पुरस्कार राशि का बड़ा आर्थिक आधार उस संपत्ति से मिलने वाला रिटर्न है, जिसे अल्फ्रेड नोबेल करीब एक सदी पहले छोड़ गए थे.

तीन लोग जीतें तो कैसे बंटती है रकम?

नोबेल पुरस्कार हमेशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं दिया जाता. कई बार किसी कैटेगरी में दो या तीन लोगों को संयुक्त रूप से पुरस्कार मिलता है. ऐसी स्थिति में 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर की पुरस्कार राशि विजेताओं के बीच बांट दी जाती है. अगर तीन विजेताओं के बीच रकम बराबर बांटी जाए, तो प्रत्येक को करीब 4 मिलियन स्वीडिश क्रोनर मिलेंगे. हालांकि किसी विजेता के हाथ में आने वाली वास्तविक रकम पुरस्कार के बंटवारे और लागू टैक्स नियमों पर निर्भर कर सकती है.

इकोनॉमिक्स का पैसा कहां से आता है?

इकोनॉमिक साइंसेज में नोबेल पुरस्कार का मामला थोड़ा अलग है. अल्फ्रेड नोबेल की मूल वसीयत में पांच पुरस्कार श्रेणियां थीं. इनमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, फिजियोलॉजी या मेडिसिन, लिटरेचर और पीस शामिल थे. इकोनॉमिक्स इसमें शामिल नहीं था. साल 1968 में स्वीडन के केंद्रीय बैंक स्वेरिजेस रिक्सबैंक ने अपनी 300वीं वर्षगांठ के मौके पर अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में इकोनॉमिक साइंसेज में पुरस्कार शुरू किया.

इसलिए इस पुरस्कार की फंडिंग मूल नोबेल फंड से अलग व्यवस्था के तहत होती है. इसकी पुरस्कार राशि स्वेरिजेस रिक्सबैंक उपलब्ध कराता है. इस तरह नोबेल पुरस्कार की नकद राशि सिर्फ एक पुरस्कार राशि नहीं, बल्कि अल्फ्रेड नोबेल की दूरदर्शी वसीयत और लंबे समय से किए जा रहे निवेश का परिणाम है.