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India Daily

Flydubai Incident: फ्लाईदुबई हमले के पीछे ईरान का हाथ? ट्रंप के दावे से मचा हड़कंप

फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने हमला किया था. ट्रंप ने व्यक्तिगत तौर पर इस घटना के पीछे ईरान का हाथ होने की बात कही है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Flydubai Incident: फ्लाईदुबई हमले के पीछे ईरान का हाथ? ट्रंप के दावे से मचा हड़कंप
Courtesy: Pinterest

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई की उस घटना के पीछे ईरान का हाथ होने का दावा किया है, जिसमें भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर उनके ओमानी सह-पायलट ने हमला किया था. हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस मामले में ज्यादा सावधानी बरतते हुए कहा कि अभी ईरान से संबंध जोड़ने वाला कोई निर्णायक सबूत सामने नहीं आया है.

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को यह घटना हुई थी. विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 174 यात्री सवार थे. इनमें ज्यादातर यात्री इजरायली नागरिक बताए गए हैं. उड़ान के दौरान ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया था.

ट्रंप ने क्या कहा?

सोमवार को एयर फोर्स वन में सवार होने के दौरान जब एक पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि इस घटना में ईरान शामिल था, तो उन्होंने कहा, 'I do. I personally do.' यानी ट्रंप ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उनका मानना है कि ईरान इसके पीछे था.

हालांकि, ट्रंप के इस बयान के विपरीत उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मामले में कोई निष्कर्ष देने से इनकार किया. वेंस ने कहा कि इस मुद्दे पर सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ और खुफिया अधिकारियों की जानकारी ज्यादा महत्वपूर्ण होगी. उन्होंने कहा कि वह किसी आधिकारिक घोषणा से पहले आगे नहीं बढ़ना चाहते और अभी तक उन्होंने ऐसा कोई निर्णायक सबूत नहीं देखा है.

जांच में अब तक क्या सामने आया?

संयुक्त अरब अमीरात इस मामले की जांच का नेतृत्व कर रहा है. इजरायल, यूएई और सऊदी अरब के अधिकारियों ने घटना को आतंकवादी हमला बताया है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि अल-हम्मामी ने अकेले इस हमले की योजना बनाई थी या उसका किसी आतंकी संगठन से संबंध था.

यूएई के अटॉर्नी जनरल और प्रॉसीक्यूटर जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने 3 अक्टूबर को कहा था कि शुरुआती जांच में सामने आया कि सह-पायलट ने आतंकवादी हमला करने की योजना बनाई थी. अधिकारियों के अनुसार, जांच में हमले के मकसद, पूरी परिस्थितियों और संभावित संबंधों का पता लगाया जा रहा है.

कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, पूछताछ में यह भी सामने आया कि अल-हम्मामी विमान को तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर क्रैश करने की योजना बना रहा था. जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर यह भी पाया कि उसने इस साल की शुरुआत में किसी अन्य विमान को तेल अवीव में गिराने की योजना पर विचार किया था.

कैप्टन स्मित मच्छर ने टाला बड़ा हादसा

हमले में घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की. विमान में यात्रा कर रहे दो अन्य फ्लाईदुबई पायलट कॉकपिट में पहुंचे और उन्होंने विमान का नियंत्रण संभाल लिया. इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया. इस तरह पायलट की सूझबूझ और यात्रियों की मदद से एक संभावित बड़े विमान हादसे को टाल दिया गया.

फिलहाल जांच जारी है और सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई निर्णायक निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि अल-हम्मामी का किसी विदेशी सरकार या संगठन से संबंध था. इसलिए ईरान की कथित भूमिका को फिलहाल ट्रंप के आकलन के तौर पर ही देखा जा रहा है, जबकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति और जांच एजेंसियां अंतिम निष्कर्ष से पहले अधिक सबूतों का इंतजार कर रही हैं.