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India Daily

'भारत पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं', रूसी तेल व्यापार को लेकर ट्रंप ने की नई धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर टैरिफ बढ़ाने की चेतावनी दी है. इस बयान से भारत–अमेरिका व्यापार और कूटनीतिक रिश्तों में नई तल्खी आ सकती है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'भारत पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं', रूसी तेल व्यापार को लेकर ट्रंप ने की नई धमकी
Courtesy: social media

नई दिल्ली: अमेरिका और भारत के बीच चल रही व्यापारिक बातचीत के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ताजा बयान ने हलचल बढ़ा दी है. रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर ट्रंप ने भारत को फिर चेतावनी दी है कि सहयोग न मिलने पर भारतीय आयात पर टैरिफ और बढ़ाए जा सकते हैं. यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देश रिश्तों में संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं और पहले से ही ऊंचे शुल्क लागू हैं.

रूसी तेल को लेकर ट्रंप की नई चेतावनी

सोमवार को एक ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर भारत 'रूसी तेल के मुद्दे' पर अमेरिका की मदद नहीं करता है, तो उस पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए जा सकते हैं. रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका भारत पर बहुत जल्दी शुल्क बढ़ा सकता है. उनका इशारा सीधे तौर पर भारत और रूस के बीच चल रहे तेल व्यापार की ओर था.

पीएम मोदी का जिक्र और पुराना दावा

अपने संबोधन में ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया. उन्होंने मोदी को 'अच्छा आदमी' बताते हुए कहा कि वह जानते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस मुद्दे से खुश नहीं हैं. ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अक्टूबर में उन्होंने दावा किया था कि पीएम मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि भारत रूसी तेल नहीं खरीदेगा, हालांकि भारत सरकार ने उस समय इस दावे को खारिज कर दिया था.

टैरिफ बढ़ाने की पृष्ठभूमि

रूस से तेल खरीद को लेकर ट्रंप प्रशासन पहले भी भारत पर सख्त रुख अपना चुका है. अगस्त 2025 में इसी मुद्दे को आधार बनाते हुए भारत से आने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिए गए थे. अमेरिकी अधिकारियों का कहना रहा है कि रूस इस तेल व्यापार से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध में कर रहा है, जिसे रोकना जरूरी है.

भारत का रुख और तर्क

भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि उसकी ऊर्जा नीति बाजार की परिस्थितियों और घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों पर आधारित है. भारत का कहना है कि वह किसी एक देश के दबाव में अपने आर्थिक फैसले नहीं ले सकता. भारत यह भी दोहराता रहा है कि रूस से तेल खरीद पूरी तरह वैध अंतरराष्ट्रीय व्यापार के दायरे में आती है और इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा जुड़ी है.

भारत-अमेरिका रिश्तों पर असर की आशंका

ट्रंप के ताजा बयान से भारत-अमेरिका संबंधों में नई खटास आने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, इससे पहले टैरिफ लगाए जाने के बाद भी दोनों नेताओं ने रिश्तों में गर्मजोशी दिखाने की कोशिश की थी. ट्रंप ने खुद कहा था कि वह मोदी के 'हमेशा दोस्त' रहेंगे, जबकि पीएम मोदी ने भी अमेरिका के साथ विशेष संबंधों की सराहना की थी. अब देखना होगा कि यह चेतावनी बातचीत को किस दिशा में ले जाती है.