menu-icon
India Daily

मिडिल ईस्ट में फंसा अमेरिका, इधर चीन ने कर दी ताइवान पर चढ़ाई की तैयारी? सामने आई बड़ी जानकारी

ताइवान को लेकर बड़ा कदम उठा सकता है चीन, ताइवान के आसपास देखे गए सात चीनी नौसैनिक पोत और एक चीनी गुब्बारा

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
मिडिल ईस्ट में फंसा अमेरिका, इधर चीन ने कर दी ताइवान पर चढ़ाई की तैयारी? सामने आई बड़ी जानकारी
Courtesy: ani

मध्य-पूर्व में अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच चीन ने ताइवान के आसपास अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं. इससे आशंका जताई जा रही है कि वैश्विक तनाव के इस दौर में चीन ताइवान को लेकर बड़ा कदम उठा सकता है. ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि उसके समुद्री क्षेत्र के आसपास चीनी नौसेना के कई जहाज और एक निगरानी गुब्बारा देखा गया है.

ताइवान के पास दिखे चीनी जहाज

ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार रविवार सुबह तक ताइवान के आसपास सात चीनी नौसैनिक पोत और एक चीनी गुब्बारा मौजूद था. ताइवान की सेना ने इन गतिविधियों पर नजर रखी और स्थिति के अनुसार तैयारी बनाए रखी. इससे पहले 28 फरवरी को भी इसी तरह की चीनी गतिविधियां दर्ज की गई थीं.

विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार ऐसी मौजूदगी दिखाकर चीन दबाव बनाने की रणनीति अपनाता है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को अलग लोकतांत्रिक देश मानता है.

मिडिल ईस्ट संकट में उलझा अमेरिका

इस समय संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल, ईरान के साथ बड़े टकराव में उलझे हैं. हालिया हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बाद मध्य-पूर्व में संघर्ष तेज हो गया है. माना जा रहा है कि अमेरिका का ध्यान अभी इस क्षेत्र पर ज्यादा है, जिसका फायदा चीन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक बढ़त के लिए उठा सकता है.

ताइवान-चीन रिश्तों में बढ़ती दूरी

ताइवान सरकार ने चीन के ताइवान मामलों के कार्यालय (TAO) के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रवेश पर प्रतिबंध बनाए रखा है. ताइवान का कहना है कि चीन की ओर से भरोसे और सद्भावना की कमी बनी हुई है.

ताइवान के मुख्य भूमि मामलों की परिषद के उपाध्यक्ष लियांग वेन-चिह ने कहा कि जब तक चीन सकारात्मक संकेत नहीं देता, तब तक नीतियों में बदलाव संभव नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि चीन ने ताइवान में एक कार्यक्रम के लिए वरिष्ठ अधिकारी की जगह निचले स्तर का प्रतिनिधि भेजा, जिससे संबंधों में ठंडापन और स्पष्ट हुआ.

सैन्य दबाव और कूटनीतिक टकराव साथ-साथ

विश्लेषकों का मानना है कि चीन सैन्य गतिविधियों के साथ कूटनीतिक दबाव भी बढ़ा रहा है. पिछले वर्षों में ताइवान के आसपास बड़े सैन्य अभ्यास और उड़ानें भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी गई हैं.