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India Daily

चीन से लौटते ही ट्रंप का बड़ा दावा! जिनपिंग ने होर्मुज पर क्या कहा, दुनिया भर में मची हलचल

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन दौरे से लौटने के बाद बड़ा दावा किया है. ट्रंप के मुताबिक उनकी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच ईरान, ताइवान और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अहम बातचीत हुई.

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Edited By: Reepu Kumari
चीन से लौटते ही ट्रंप का बड़ा दावा! जिनपिंग ने होर्मुज पर क्या कहा, दुनिया भर में मची हलचल
Courtesy: @ChineseEmbinUS

नई दिल्ली: चीन यात्रा से लौटते ही डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा कि उनकी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कई संवेदनशील मुद्दों पर लंबी बातचीत हुई, जिसमें ईरान, ताइवान और होर्मुज स्ट्रेट सबसे अहम रहे. उनके बयान के बाद दुनिया भर की नजरें अब अमेरिका-चीन रिश्तों पर टिक गई हैं.

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि शी जिनपिंग नहीं चाहते कि ईरान परमाणु हथियार बनाए और न ही होर्मुज स्ट्रेट को बंद किया जाए. यही नहीं, उन्होंने यह तक कह दिया कि इस समुद्री मार्ग पर फिलहाल अमेरिका का प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है. उनके इन बयानों ने वैश्विक सुरक्षा और तेल सप्लाई को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

50 करोड़ डॉलर का नुकसान

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल कर रहा है और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की वजह से ईरान को पिछले ढाई हफ्तों में हर दिन लगभग 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा, 'अगर ईरान स्ट्रेट बंद करता है तो उसका नुकसान उसी को होगा. वहां पूरी तरह अमेरिका का नियंत्रण है.'

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण इस क्षेत्र में लगातार खतरा बना हुआ है.

ताइवान पर क्या बातचीत हुई?

ट्रंप ने ताइवान मुद्दे पर भी बातचीत का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग ताइवान की स्वतंत्रता की किसी भी कोशिश के खिलाफ हैं और इसे बड़ा टकराव मानते हैं. ट्रंप ने कहा, 'शी नहीं चाहते कि ताइवान को लेकर कोई लड़ाई हो. उनका मानना है कि इससे बहुत बड़ा संघर्ष पैदा हो सकता है.'

हालांकि ट्रंप ने साफ किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की, लेकिन शी जिनपिंग ने 1982 के अमेरिका-चीन समझौते और ताइवान को हथियार बिक्री का मुद्दा उठाया. ट्रंप ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच ताइवान पर बहुत विस्तार से चर्चा हुई.

'अमेरिका किसी नए युद्ध में नहीं उलझना चाहता'

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि फिलहाल अमेरिका किसी नए युद्ध में नहीं उलझना चाहता. ट्रंप ने कहा, आखिरी चीज जिसकी हमें जरूरत है, वह 9500 मील दूर एक और युद्ध है.

ट्रंप ने चीन यात्रा को बेहद शानदार बताया और शी जिनपिंग को अविश्वसनीय नेता कहा. उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर अच्छी समझ बनी है, जो आने वाले समय में वैश्विक राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती है.