पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं को कथित तौर पर बंधक बनाकर उनके साथ गैंगरेप किए जाने के मामले में जांच लगातार नए खुलासे कर रही है. अब जांच एजेंसियों को इस पूरी वारदात के पीछे क्रिप्टोकरेंसी कारोबार से जुड़े विवाद की आशंका है. मामले में मुख्य आरोपी मुहम्मद रजा डार को पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार का पोता बताया जा रहा है. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और दोनों महिलाएं पहले एक क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में साझेदार थे और उनकी मुलाकात पिछले साल सिंगापुर में हुई थी.
पीड़ित महिला ने अदालत में दर्ज कराए अपने बयान में दावा किया कि रिहाई के बदले मुख्य आरोपी को एक लाख अमेरिकी डॉलर दिए गए थे. महिला के मुताबिक, रकम मिलने के बाद ही उन्हें छोड़ने का फैसला किया गया. इस बयान के बाद जांच एजेंसियों ने मामले के आर्थिक पहलुओं की भी जांच शुरू कर दी है.
पाकिस्तानी मीडिया ग्रुप ARY News के अनुसार, पीड़ित महिला ने बताया कि वह अपनी एक दोस्त के साथ एक घर में ठहरी हुई थी. इसी दौरान हथियारबंद लोग वहां पहुंचे और दोनों महिलाओं को एक कमरे में बंधक बना लिया. महिला का आरोप है कि मुहम्मद रजा डार बार बार कंप्यूटर और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े पैसों के बारे में पूछ रहा था. उसने कथित तौर पर पूछा कि पैसे वाला कंप्यूटर कहां रखा है, जिस पर महिला ने बताया कि वह हरे रंग के बैग में है.
पीड़िता ने आरोप लगाया कि बंधक बनाए जाने के दौरान उसके सिर पर हमला किया गया और धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं मिले तो दोनों महिलाओं की हत्या कर दी जाएगी. महिला का यह भी आरोप है कि कैद के दौरान दो आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, महिला ने आरोप लगाया कि मुहम्मद रजा डार ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया था. इसके बाद उसने पीड़िता के परिचितों को संदेश भेजकर पैसे की मांग की. शुरुआत में किसी ने जवाब नहीं दिया, लेकिन बाद में दूसरी महिला की मां ने एक लाख अमेरिकी डॉलर का इंतजाम होने की जानकारी दी. कथित तौर पर रकम मिलने के बाद दोनों महिलाओं को छोड़ने का फैसला किया गया.
रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं को एयरपोर्ट ले जाते समय मुख्य आरोपी की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इसी दौरान दोनों महिलाओं को सुरक्षित बचा लिया गया. इस घटनाक्रम के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई.
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुहम्मद रजा डार की दोनों विदेशी महिलाओं से पिछले साल सिंगापुर में मुलाकात हुई थी. तीनों एक क्रिप्टोकरेंसी कारोबार में साझेदार थे. जांच के अनुसार, बाद में रजा डार ने ही दोनों महिलाओं के पाकिस्तान आने के लिए बिजनेस वीजा का इंतजाम कराया था.
नीदरलैंड और वेनेजुएला की रहने वाली दोनों महिलाओं का 29 जून को लाहौर से कथित तौर पर अपहरण किया गया था. पुलिस इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है. स्थानीय अदालत ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है.