यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा के अंतिम दिन शनिवार को परीक्षा केंद्रों पर की गई सख्त जांच के दौरान गाजीपुर और मिर्जापुर में तीन फर्जी अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया. ई-केवाईसी सत्यापन और बायोमेट्रिक मिलान में पहचान उजागर होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.
गाजीपुर के देवकली स्थित हनुमान सिंह इंटर कॉलेज में बलिया जिले के निकासी गांव निवासी दीपक कुमार दूसरे अभ्यर्थी संजीव के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था. बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उसकी पहचान संदिग्ध मिली, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
इसी तरह मरदह क्षेत्र के शांति निकेतन इंटर कॉलेज, बरही में मऊ जिले के राजनगर पहसा निवासी पवन मौर्य अजय मौर्य के स्थान पर परीक्षा देता हुआ पकड़ा गया. जांच के दौरान दस्तावेज और पहचान मेल न खाने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया. मिर्जापुर के बीएलजे इंटर कॉलेज में भी जांच के दौरान एक फर्जी अभ्यर्थी पुलिस के हत्थे चढ़ गया. वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र के काकेपुर निवासी अजीत यादव का आधार सत्यापन सफल नहीं हो सका. दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने के बाद केंद्र प्रशासन की शिकायत पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की गई.
इससे पहले शुक्रवार को गाजीपुर के सैदपुर स्थित टाउन नेशनल इंटर कॉलेज में दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान भी फर्जी अभ्यर्थी पकड़ा गया था. बायोमेट्रिक सत्यापन में दस्तावेजों में कूटरचना और छेड़छाड़ सामने आने पर शुभ्रांशु मिश्रा को हिरासत में लिया गया. वह वास्तविक अभ्यर्थी मंशू शेखर मिश्र के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था. प्रधानाचार्य की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और शनिवार को आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया. पुलिस के अनुसार आरोपी बलिया जिले के बैजनाथ छपरा का निवासी है.
गाजीपुर जिले में यूपीटीईटी की परीक्षा 18 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई. अंतिम दिन केवल सुबह की पाली में परीक्षा हुई. प्रशासन के अनुसार कुल 7,392 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 6,718 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 674 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे.कुल मिलाकर लगभग 90 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई.