Russia-US Relations: दुनिया में बढ़ते परमाणु तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच एक बड़ी कूटनीतिक पहल सामने आई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा दिए गए परमाणु तनाव कम करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है. ट्रंप ने कहा कि हाल ही में पुतिन के साथ हुई उनकी बातचीत रचनात्मक रही और इस मुद्दे पर चीन को भी शामिल करने की योजना है.
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, रूस और चीन के बीच परमाणु हथियारों की दौड़ को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह पहल आगे बढ़ती है तो यह वैश्विक स्थिरता और शांति की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है.
🚨☢️ Trump backs Russia's call for nuclear de-escalation
President Trump confirmed that Vladimir Putin proposed a nuclear de-escalation during their recent call — and he fully supports the idea.
He noted that the talks will include China. pic.twitter.com/IVFT17ZNZA— Sputnik (@SputnikInt) October 23, 2025Also Read
ट्रंप ने दावा किया कि पुतिन ने हाल ही में हुई बातचीत में परमाणु तनाव को घटाने का प्रस्ताव रखा था. इस प्रस्ताव में परमाणु हथियारों के भंडारण, परीक्षण और तैनाती पर नियंत्रण बढ़ाने की बात कही गई थी. ट्रंप ने कहा कि वह इस विचार का "पूरी तरह समर्थन करते हैं" क्योंकि यह विश्व शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम है.
जानकारी के लिए आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वह रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ 'व्यर्थ बैठक' नहीं चाहते. उन्होंने यूक्रेन युद्ध को सुलझाने के पिछले निष्फल प्रयासों पर अपनी निराशा व्यक्त की. पुतिन के साथ बुडापेस्ट शिखर सम्मेलन रद्द होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं व्यर्थ बैठक नहीं करना चाहता.
President Trump on not meeting Putin: “I don't want to have a wasted meeting. I don't want to have a waste of time.” pic.twitter.com/3Q4MjhAALH
— Fox News (@FoxNews) October 21, 2025
ट्रंप, जो कभी पुतिन के साथ अपने 'मजबूत व्यक्तिगत संबंधों' का दावा करते थे, अब उनके प्रति सख्त होते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि 'मैं अब ऐसे दौर से नहीं गुजरना चाहता जहां हर बैठक का अंत निराशा में हो.' यह बयान ट्रंप की कूटनीतिक रणनीति में बदलाव की ओर संकेत करता है.