चुनाव आयोग द्वारा 16 मार्च को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान हुए. इस चुनाव में सबसे ज्यादा सस्पेंस हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों पर देखने को मिला. पूरे दिन चले हाई-वोल्टेज ड्रामा के बाद BJP के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध को निर्वाचित घोषित किया गया.
राज्यसभा की वोटिंग शाम 4 बजे खत्म हो गई. योजना के मुताबिक 5 बजे वोटों की गिनती शुरू होनी थी, लेकिन बीजेपी और कांग्रेस दोनों इसी बीच वोटों की गोपनीयता भंग करने का आरोप लगाने लगें. जिसके कारण वोट की गिनती पूरी करने में लगभग 6 घंटे की देरी हुई. हालांकि काफी मशक्कत के बाद गिनती पूरी की गई और परिणाम सुबह करीब 2 बजे घोषित कर दिए गए.
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं. इस चुनाव में 83 वोट वैध पाए गए. हालांकि दो इनेलो विधायकों ने मतदान से दूरी बनाकर इसका बहिष्कार किया. हालांकि इस दौरान कांग्रेस के चार वोट अमान्य घोषित हुए. वहीं बीजेपी का एक वोट रद्द हुआ. नियम के मुताबिक जितने के लिए वोट वैल्यू 2,766.67 चाहिए था. यानी की किसी उम्मीदवार को कम से कम 27.67 वोटों का कोटा चाहिए था. जिसमें बीजेपी के संजय भाटिया को 39 वोट, वोट वैल्यू 3,900 मिले. वहीं कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध को 28 वोट, वोट वैल्यू 2,800 मिला. वहीं सतीश नांदल जो की निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे उन्हें 16 वोट, वोट वैल्यू 2,733.33 मिले. इसमें भाटिया की जीत साफ थी. लेकिन बौद्ध और नांदल के बीच काफी कम वोट वैल्यू का अंतर दिखा.
एक-दूसरे पर आरोप लगाने के कारण पूरा माहौल काफी तनाव पूर्ण हो गया. विधायकों को होटलों में रखा गया, कई जगहों पर सुरक्षा बढ़ाई गई. इसी के साथ यह हाल के वर्षों का सबसे करीबी राज्यसभा मुकाबला बन गया. चूंकि दोनों विजेताओं ने कोटा पार कर लिया, इसलिए प्राथमिकता वाले अतिरिक्त वोटों की गिनती नहीं हुई. अगर इनेलो के दोनों विधायक नांदल के पक्ष में वोट डालते, तो स्थिति शायद नतीजे बदल सकते थे. कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इनेलो का बहिष्कार कांग्रेस के लिए राहत साबित हुआ.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दोनों विजेताओं को बधाई दी. लेकिन कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. सैनी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह दिलचस्प मुकाबला था. पहली बार देखा कि कांग्रेस को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं था. पार्टी ने अपने विधायकों को कैद में रखा. उन्हें अलग-अलग जगहों घुमाया. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि पांच विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, चार वोट अमान्य हुए.