नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में एक नाटकीय मोड़ आया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान में प्रभावी रूप से 'सत्ता परिवर्तन' की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. ट्रंप ने ईरानी पावर प्लांट्स और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले सैन्य हमलों को अगले पांच दिनों के लिए टालने का आदेश जारी किया है. यह फैसला पिछले दो दिनों में तेहरान और वाशिंगटन के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद लिया गया है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संघर्ष के दौरान ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारी पहले ही मारे जा चुके हैं, जिसके कारण वहां स्वतः ही शासन बदल गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई से नहीं, बल्कि ऐसे लोगों से बात कर रहे हैं जो काफी 'तर्कसंगत' हैं. ट्रंप के अनुसार, नेतृत्व के पहले तीन चरणों को बड़े पैमाने पर नष्ट किया जा चुका है और अब अमेरिका एक ऐसे व्यक्ति से निपट रहा है जिसे वे सम्मानजनक और असली नेता मानते हैं.
ट्रंप ने संकेत दिया कि जारी वार्ताओं में कई प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बन रही है. हालांकि, उन्होंने एक सख्त शर्त रखी है कि किसी भी स्थाई समाधान के लिए ईरान को अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह त्यागना होगा. अमेरिका चाहता है कि ईरान न केवल अपना संवर्धित यूरेनियम का भंडार उसे सौंपे, बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार के यूरेनियम संवर्धन की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाए. ट्रंप ने साफ किया कि यूरेनियम का नियंत्रण समझौते की पहली प्राथमिकता है.
राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर यह जानकारी साझा की कि उन्होंने 'वार डिपार्टमेंट' को अगले पांच दिनों तक ईरानी पावर प्लांट्स पर बमबारी रोकने का निर्देश दिया है. यह कूटनीतिक पहल युद्ध के चौथे हफ्ते में शुरू हुई है, जो पूरे सप्ताह जारी रहने की उम्मीद है. ट्रंप ने इन चर्चाओं को 'बहुत अच्छी और उत्पादक' करार दिया है. हालांकि, यह सैन्य विराम पूरी तरह से इन बैठकों की अंतिम सफलता पर ही टिका हुआ है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी शैली में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कूटनीति सफल नहीं होती है, तो वे फिर से बमबारी शुरू कर देंगे. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि बातचीत विफल होने पर अमेरिकी वायुसेना तेहरान पर 'जी भरकर बमबारी' करना जारी रखेगी. यह घोषणा उस वक्त हुई जब ट्रंप द्वारा दी गई 48 घंटे की समयसीमा समाप्त होने वाली थी, जिसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज न खोलने पर ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को तबाह करने की धमकी दी थी.
ईरान ने फिलहाल इन वार्ताओं के होने के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. तेहरान की तसनीम न्यूज एजेंसी और अन्य राजनयिक सूत्रों ने इसे ट्रंप का 'पीछे हटना' करार दिया है. उनका मानना है कि ईरान की कड़ी चेतावनियों के कारण अमेरिका ने हमला टालने का निर्णय लिया है. वैश्विक स्तर पर लोग इस कूटनीतिक समाधान की उम्मीद कर रहे हैं ताकि मिडिल ईस्ट में जारी इस भीषण टकराव का अंत हो सके और एक बड़ी मानवीय त्रासदी को रोका जा सके.