'अमेरिकी हमलों से क्षति पहुंची है लेकिन स्थाई नुकसान जरूरी', ईरान को लेकर ट्रंप का बड़ा ऐलान; अभी खत्म नहीं होगा युद्ध!
ट्रंप ने ईरान युद्ध को लंबा खींचने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा- अमेरिकी हमलों से ईरान को नुकसान पहुंचा है, लेकिन इसे स्थायी बनाना जरूरी है ताकि भविष्य के राष्ट्रपतियों को ऐसा खतरा न झेलना पड़े.
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर जारी हमलों को और गहरा करने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका और सहयोगी देशों के हमलों से ईरान की क्षमता कमजोर हुई है, लेकिन इसे स्थायी बनाना चाहिए ताकि कोई भी भविष्य का राष्ट्रपति इस खतरे से न गुजरे. ट्रंप ने दावा किया कि अगर पहले कार्रवाई न की होती तो ईरान परमाणु हथियार बना चुका होता. युद्ध को अच्छा चलता बताते हुए उन्होंने निकासी की समयसीमा अस्पष्ट रखी. NАТО सहयोगियों की आलोचना की और चीन के राष्ट्रपति से बैठक टालने का जिक्र किया.
ट्रंप का स्थायी नुकसान का आह्वान
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिकी हमलों से ईरान को भारी क्षति पहुंची है, लेकिन इसे और स्थायी बनाना होगा. उन्होंने तर्क दिया कि अगर आज निकल गए तो ईरान 10 साल में फिर तैयार हो जाएगा. ट्रंप बोले, 'हमें इसे थोड़ा और पक्का करना है ताकि कोई अन्य राष्ट्रपति को यह समस्या न झेलनी पड़े.' उन्होंने ईरान को परमाणु हथियारों से दूर रखने पर जोर दिया और कहा कि पागलों के हाथ में ऐसे हथियार नहीं होने चाहिए.
युद्ध की प्रगति और ईरान की स्थिति
ट्रंप ने युद्ध को सफल बताते हुए कहा कि अमेरिका अच्छा काम कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि हाल के हमलों से ऐसे नतीजे आए हैं जो असंभव लगते थे. उन्होंने कहा कि पहले हमले न होते तो ईरान दो हफ्तों में परमाणु हथियार बना लेता और खुशी से इस्तेमाल करता. ईरान के कई वरिष्ठ नेता मारे गए हैं, इसलिए अब वहां बातचीत के लिए कोई विश्वसनीय व्यक्ति नहीं बचा है. निकासी पर उन्होंने कहा कि अभी तैयार नहीं, लेकिन बहुत जल्द निकलेंगे.
एनएटीओ की आलोचना और वैश्विक प्रभाव
ट्रंप ने एनएटीओ सहयोगियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा में मदद न करके वे बड़ी गलती कर रहे हैं. यह वैश्विक तेल मार्ग महत्वपूर्ण है, लेकिन सहयोगी आगे नहीं आए. वियतनाम युद्ध से तुलना पर उन्होंने कहा कि उन्हें किसी चीज का डर नहीं. युद्ध के कारण चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बैठक टालनी पड़ी. ट्रंप ने इसे छोटा मोड़ बताया, जो कुछ हफ्तों में खत्म हो जाएगा.
भविष्य की चुनौतियां और रणनीति
ट्रंप ने जोर दिया कि ईरान को कभी परमाणु ताकत न बनने दें. उन्होंने कहा कि युद्ध सही दिशा में जा रहा है. निकासी की कोई स्पष्ट समयसीमा न देकर उन्होंने संकेत दिया कि और कार्रवाई बाकी है. इससे वैश्विक कूटनीति पर असर पड़ रहा है. ट्रंप का मानना है कि स्थायी क्षति से ही समस्या का समाधान होगा. अमेरिकी नीति अब ईरान पर केंद्रित है, जो अन्य वैश्विक मुद्दों को प्रभावित कर रही है.
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