Tel Aviv Missile Attack: ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध के बीच एक दिल दहलाने वाली मगर उम्मीद जगाने वाली घटना सामने आई है. इजराइल के रिशोन लेजियन शहर में ईरानी मिसाइल हमले के बाद मलबे में दबी तीन महीने की मासूम बच्ची को रेस्क्यू टीम ने जिंदा बाहर निकाला. यह शहर तेल अवीव से सिर्फ 12 किलोमीटर दूर है और हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई जबकि 19 अन्य घायल हुए हैं.
रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल एक जवान ने उस क्षण को याद करते हुए कहा, 'मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और सबसे पहले जो पुलिस अफसर दिखा, उसे सौंप दिया. फिर परिवार के बाकी सदस्यों को निकालना शुरू किया.' यह दृश्य इजराइली मीडिया के अनुसार पूरी तरह से तबाही से भरा था. आसपास की कई इमारतें धराशायी हो चुकी थीं और आग की लपटें आसमान को छू रही थीं.
इजराइल पुलिस ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर जानकारी साझा की, 'सेंट्रल रीजन में हथियार गिरा है — पुलिस इलाके को घेर रही है और सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर तलाशी अभियान चला रही है.' बच्ची को मामूली चोटें आई थीं और उसे तत्काल मेडिकल सहायता दी गई.
यह रेस्क्यू उस वक्त हुआ जब इजराइल पर ईरान की ओर से एक नई मिसाइलों की बौछार शुरू हुई. यरुशलम और हेब्रोन में रात का आसमान मिसाइलों से जगमगा उठा, जिनमें से अधिकतर को इज़राइल की एयर डिफेंस प्रणाली ने इंटरसेप्ट कर लिया.
रॉयटर्स के अनुसार, ईरान के सरकारी टीवी ने बताया कि इन मिसाइलों और ड्रोन ने इजराइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. यह कार्रवाई उन इजराइली एयरस्ट्राइक्स के जवाब में हुई, जिनमें ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, वैज्ञानिक और परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया गया था.
ईरान ने दावा किया कि इन हमलों में 78 लोगों की मौत हुई और 320 से अधिक घायल हुए. वहीं इजराइल ने बताया कि उसने ईरान के नौ वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों और सैन्य कमांडरों को मार गिराया. गौरतलब है कि इजराइल में सैन्य सेंसरशिप लागू कर दी गई है, जिसके तहत पत्रकारों को सटीक लोकेशन या फुटेज साझा करने की अनुमति नहीं है.