अमेरिका-ईरान के बीच अब शुरू होने वाला है प्रचंड युद्ध! ट्रंप ने दुनिया भर में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी किया अलर्ट
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दूसर देश में रह रहे अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है. जिसमें सबसे ज्यादा मिडिल ईस्ट के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
अमेरिका और ईरान के बीच युद्द का दौर जारी है. अमेरिका की ओर से लगातार चेतावनी दी जा रही है, वहीं ईरान इन चेतावनियों पर पलटवार कर रहा है. इसी बीच अमेरिका ने दुनिया भर में रह रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए अलर्ट जारी करते हुए सावधानी बरतने के लिए कहा है.
अमेरिकी विदेश विभाग ने विश्वव्यापी अलर्ट जारी किया. इसमें अमेरिकी नागरिक को सतर्क रहने के लिए कहा गया है. मुख्य रुप से मिडिल ईस्ट के किसी भी देश में रह रहे लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है. ईरान समर्थक समूह अमेरिकी हितों या अमेरिकियों से जुड़े स्थानों पर हमला कर सकते हैं. दूतावासों को भी सुरक्षा चेतावनियों का पालन करने के लिए कहा गया है.
अमेरिका-इजरायल की चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चार हफ्तों से जारी है. अमेरिका ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. वहीं ईरान ने होर्मुज पर हमले की चेतावनी दी है. ऐसे में तनाव बढ़ता जा रहा है. वैश्विक चिंताएं बढ़ने लगी है. ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है. अगर अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला किया तो होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. खातम अल अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फघारी ने कहा कि होर्मुज अभी दुश्मनों के लिए बंद है. लेकिन अगर अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी धमकी पूरी करते हैं तो इसे पूरी तरह बंद कर देंगे.
होर्मुज के बंद होने से मचेगा हाहाकार
ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों से जुड़े ऊर्जा ढांचे को भी वैध लक्ष्य बताया है. इसी वजह से अमेरिका ने अपने नागरिकों को अलर्ट किया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के तेल व्यापार का मुख्य रास्ता है. यहां से बहुत सारा कच्चा तेल और गैस गुजरता है. अगर इसे बंद किया गया तो वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है. ईरान पहले भी इसे बंद करने की धमकी दे चुका है. लेकिन अब स्थिति बहुत गंभीर है. विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज बंद होने से दुनिया में ऊर्जा संकट आ सकता है. खाड़ी देशों के डिसेलिनेशन प्लांट्स भी खतरे में पड़ सकते हैं.