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India Daily

हॉर्मुज संकट ने तोड़ी पाकिस्तान की कमर! हाई-ऑक्टेन पेट्रोल 200% महंगा, लग्जरी कारें चलाना हुआ मुश्किल

हॉर्मुज संकट और वैश्विक तेल संकट के बीच पाकिस्तान सरकार ने हाई-ऑक्टेन ईंधन पर शुल्क 100 से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति लीटर कर दिया. इससे लग्जरी गाड़ियों की लागत 200% बढ़ेगी, लेकिन आम परिवहन पर असर नहीं पड़ेगा. 

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
हॉर्मुज संकट ने तोड़ी पाकिस्तान की कमर! हाई-ऑक्टेन पेट्रोल 200% महंगा, लग्जरी कारें चलाना हुआ मुश्किल
Courtesy: grok

पाकिस्तान में आर्थिक संकट और मिडिल ईस्ट की उथल-पुथल ने एक बार फिर जनता की जेब पर जोरदार वार किया है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. ऐसे में शहबाज शरीफ सरकार ने हाई-ऑक्टेन पेट्रोल पर भारी शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया है. यह कदम लग्जरी वाहनों के मालिकों पर केंद्रित है, ताकि आम आदमी पर सीधा बोझ न पड़े. लेकिन महंगे ईंधन से कुल मिलाकर ऊर्जा क्षेत्र में दबाव और बढ़ेगा.

शुल्क में भारी वृद्धि का फैसला

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में हाई-ऑक्टेन ईंधन पर शुल्क को 100 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति लीटर करने का ऐलान किया गया. यानी अब प्रति लीटर 200 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ेंगे. सरकार का कहना है कि यह फैसला मुख्य रूप से प्रीमियम और लग्जरी गाड़ियों के लिए है. इससे सार्वजनिक परिवहन, बसों या सामान्य वाहनों के किराए पर कोई असर नहीं होगा.

पेट्रोल-डीजल पहले ही महंगा

यह बढ़ोतरी इस महीने दूसरी बार हुई है. 6 मार्च को ही पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये और डीजल 335.86 रुपये प्रति लीटर हो गई थी, जिसमें 55 रुपये की छलांग लगी थी. जेट ईंधन महंगा होने से हवाई किराए भी आसमान छू गए. घरेलू उड़ानों में 2,800 से 5,000 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 10,000 से 28,000 रुपये तक इजाफा हुआ. इससे यात्रा लागत में भारी उछाल आया है. 

वैश्विक तेल संकट का असर

हॉर्मुज संकट ने तेल की आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है. ईरान के साथ जारी तनाव से पाकिस्तान जैसे आयात-निर्भर देश बुरी तरह प्रभावित हैं. बैठक में वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब और पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक सहित कई बड़े अधिकारी मौजूद थे. सरकार का दावा है कि यह कदम आर्थिक संतुलन बनाए रखने और आम लोगों को राहत देने के लिए है, लेकिन लग्जरी वाहन चलाने वालों की परेशानी बढ़ेगी.

आगे क्या होगा?

पाकिस्तान में ऊर्जा संकट गहराने के साथ महंगाई का दबाव बढ़ रहा है. हाई-ऑक्टेन ईंधन महंगा होने से लग्जरी कारों की मांग पर असर पड़ सकता है. सरकार ने आम आदमी को बचाने की कोशिश की है, लेकिन कुल मिलाकर ईंधन की लागत बढ़ने से अर्थव्यवस्था पर नया बोझ पड़ेगा. आने वाले दिनों में और फैसले आ सकते हैं.