अब जल्द खुल जाएगा होर्मुज! ट्रंप के नए दावे से हलचल तेज; क्या है ईरान का प्लान?

अमेरिका-ईरान टकराव के बीच होर्मुज को लेकर तनाव और बढ गया है. ट्रंप ने दावा किया है कि आर्थिक दबाव के कारण ईरान इस अहम समुद्री मार्ग को दोबारा खोलना चाहता है. हालांकि दोनों देशों के बीच संभावित समझौते की बात सामने आई है.

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Shanu Sharma

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव शुरू हुए अब छह महीने से भी ज्यादा समय हो चुका है. हालांकि अभी भी दोनों देशों के बीच तनाव जारी है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नया दावा किया है. उन्होंने कहा कि ईरान अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना चाहता है क्योंकि उसके पास अब कोई पैसा नहीं आ रहा है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस संघर्ष के दौरान कई दावे किए हैं. इस बार उनका कहना है कि ईरान होर्मुज खोलने के लिए तैयार है क्योंकि उसके हालात बुरे हो चुके हैं और उनके पास कोई पैसा नहीं आ रहा है.

दुनिया को परेशान करना चाहता था ईरान-ट्रंप

ट्रंप का कहना है कि ईरान ने खुद को ही मुश्किल में डाल लिया. राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ईरान रास्ते को बंद करके दुनिया के लिए बड़ी परेशानी खड़ी करना चाहता था, लेकिन उन्होंने बड़ी सैन्य नाकेबंदी करके उसकी योजना को नाकाम कर दिया. उन्होंने कहा कि हमने एक स्टील की दीवार खड़ी की यानी नाकेबंदी की और अब उनके पास कोई पैसा नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरान इस रास्ते को पूरी दुनिया के लिए बंद करना चाहता था लेकिन हमने उनके लिए बंद कर दिया और बाकी देश इसका इस्तेमाल कर पाएंगे.


क्या फिर से खुलेगा होर्मुज?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ दिनों पहले होर्मुज को खोलने की बात पर ईरान के साथ किसी भी समझौते को पूरी तरह से खारिज किया था. हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक दोनों पक्षों के अधिकारी रास्ते को दोबारा खोलने पर विचार कर रहे हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने संयुक्त राष्ट्र में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रस्तावित समझौते से जुडी प्रक्रिया का उल्लेख किया. उनके अनुसार, किसी समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए सात दिन की उलटी गिनती शुरू हो सकती है.

क्या है ट्रंप का प्लान?

होर्मुज दुनिया के प्रमुख समुद्री मार्गोें में से एक है. ऐसे में यहां लंबे समय तक तनाव बने रहने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पडने का खतरा बना हुआ है. इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ट्रंप प्रशासन मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिकी बमबारी अभियान फिर शुरू करने की संभावना पर विचार कर रहा है. हालांकि, इस दावे और संभावित समझौते के बीच आगे की स्थिति क्या होगी, इसकी जानकारी आने वाले दिनों में ही मिलेगी.