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'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हमारा है...', ईरान ने ठुकराया ट्रंप का 15-पॉइंट सीजफायर प्लान, रख दीं ये 5 शर्तें

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 15-सूत्रीय सीजफायर प्लान को सिरे से खारिज कर दिया.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हमारा है...', ईरान ने ठुकराया ट्रंप का 15-पॉइंट सीजफायर प्लान, रख दीं ये 5 शर्तें
Courtesy: X

मिडल ईस्ट में जारी महायुद्ध के बीच एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. ईरान ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 15-सूत्रीय सीजफायर प्लान को सिरे से खारिज कर दिया है. ईरान ने ट्रंप के इस प्रस्ताव को अत्यधिक बताते हुए ठुकरा दिया और साफ लहजे में अमेरिका को चेतावनी दी है कि, "युद्ध शुरू आपने किया, खत्म हम करेंगे".

ईरानी सरकारी मीडिया एजेंसी का हवाला देते हुए अधिकारियों ने बताया कि तेहरान ने अमेरिका और इजरायल के सामने अपनी मांगों की एक नई लिस्ट जारी की है. ईरान पूरी तरह से इस जिद पर अड़ा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज उसका है और शांति के लिए इस पर उसकी संप्रभुता को हर हाल में मानना होगा.

यह हैं ईरान की 5 मुख्य शर्तें

संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के सामने ये 5 बेहद सख्त मांगें रखी हैं:

  • हमलों पर लगे लगाम: अमेरिका और इजरायल द्वारा की जा रही आक्रामकता और हत्याओं पर पूरी तरह से और तत्काल रोक लगे.
  • भविष्य की गारंटी: एक ऐसा ठोस तंत्र बनाया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो कि इस्लामिक गणराज्य ईरान पर भविष्य में दोबारा कोई युद्ध न थोपा जाए.
  • नुकसान का हर्जाना: इस युद्ध से ईरान को जो भी आर्थिक और जान-माल का नुकसान हुआ है, उसका गारंटी के साथ और स्पष्ट रूप से मुआवजा दिया जाए.
  • प्रतिरोधक समूहों की सुरक्षा: केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरे रीजन और सभी मोर्चों पर मौजूद ईरान समर्थित प्रतिरोधक समूहों के खिलाफ भी युद्ध तत्काल समाप्त किया जाए.
  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर अधिकार: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता उसका स्वाभाविक और कानूनी अधिकार है. अमेरिका को इसे मान्यता देनी ही होगी, क्योंकि यही शांति की सबसे बड़ी गारंटी है.

ट्रंप को ईरान की खुली चुनौती

शांति प्रस्ताव खारिज करने के साथ ही ईरानी अधिकारियों ने डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। तेहरान ने दो टूक कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति यह बिल्कुल तय नहीं कर सकते कि यह युद्ध कब समाप्त होगा और किन शर्तों पर होगा.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है और ईरान इस युद्ध को "अपनी पसंद के समय पर और केवल तभी समाप्त करेगा, जब उसकी अपनी ये शर्तें पूरी होंगी." फिलहाल ईरान के इस आक्रामक रुख से साफ है कि मिडल ईस्ट में यह तनाव जल्द खत्म होने वाला नहीं है.