नई दिल्ली: अमेरिका के एक हिल्टन होटल में 'व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर' से कुछ ही देर पहले हुई इस गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. राष्ट्रपति ट्रंप अपनी पत्नी और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के साथ इस डिनर के लिए होटल पहुंचे थे. यह डिनर होटल परिसर के भीतर ही एक खास तौर पर तय किए गए बॉलरूम में आयोजित किया गया था.
रिपोर्टों के अनुसार जहां एक ओर उस खास बॉलरूम के भीतर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी. जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप,फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस मौजूद थे. वहीं होटल के अन्य हिस्सों में विशेष रूप से लॉबी और आम लोगों के लिए खुले क्षेत्रों में सुरक्षा के उपाय काफी ढीले थे. सुरक्षा में यही चूक इस घटना का मुख्य कारण बनकर सामने आई है.
Breaking: this is the moment pops/booms were heard, dinnerware clamoring and then President Trump was moved behind the main table of the White House Correspondents Dinner. pic.twitter.com/V9UMDbUxES
— Ben Dennis Reports (@broadcastben_) April 26, 2026
इस सालाना कार्यक्रम की मेजबानी करने वाले होटल को आमतौर पर पूरी तरह से बंद नहीं किया जाता.इसके बजाय यह आम मेहमानों के लिए खुला और सुलभ रहता है. माना जाता है कि इसी वजह से हमलावर हथियार लेकर होटल परिसर में प्रवेश करने में सफल रहा.
बताया जाता है कि कई वर्षों से यह डिनर वाशिंगटन हिल्टन होटल में ही आयोजित किया जाता रहा है, और परंपरा के अनुसार होटल को पूरी तरह से सील नहीं किया जाता. सुरक्षा एजेंसियां मुख्य रूप से अपनी सुरक्षा व्यवस्था बॉलरूम और VIP क्षेत्रों पर केंद्रित रखती हैं, जबकि होटल के अन्य हिस्सों में प्रवेश पर आमतौर पर कोई खास रोक-टोक नहीं होती.
घटना के दौरान होटल की लॉबी के आसपास अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी. वहां मौजूद लोगों के मुताबिक गोलियों की जोरदार आवाजें सुनाई दीं. जिससे यह संकेत मिला कि कई राउंड गोलियां चलाई गई थीं. जिससे इमारत के अंदर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई. घटना के तुरंत बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य शीर्ष नेताओं को सुरक्षित रूप से होटल परिसर से बाहर निकाल लिया.
इस निकासी के दौरान, कई अन्य हाई-प्रोफाइल नेताओं को भी तेजी से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जिनमें विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ शामिल थे. सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे होटल को घेर लिया और नेशनल गार्ड के सैनिकों को अंदर तैनात कर दिया गया.
रिपोर्टों के अनुसार शूटर को सुरक्षा बलों ने मौके पर ही पकड़ लिया और किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है. हालांकि इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि कार्यक्रम के बड़े पैमाने और संवेदनशील प्रकृति के बावजूद होटल के सार्वजनिक क्षेत्रों में सुरक्षा अपर्याप्त रही.
इस घटना से पहले भी होटल परिसर के भीतर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. कुछ प्रदर्शनकारी रेड कार्पेट तक पहुंचने में सफल रहे और उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया. इसके अतिरिक्त होटल के बाहर एक बड़ी भीड़ जमा हो गई थी, जो युद्ध-विरोधी नारे लगा रही थी.