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'उन लोगों के लिए सजा...' , देश छोड़ने के बाद पहली बार टूटी शेख हसीना की चुप्पी, जानें क्या बोलीं?

Sheikh Hasina: अपने पद से इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद शेख हसीना ने पहली बार बयान दिया है. उन्होंने अपने बयान में हत्याओं और बर्बरता की घटनाओं में शामिल लोगों को सजा देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन में जिन लोगों की मौत हुई उनके लिए मैं प्रार्थना करती हूं.

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'उन लोगों के लिए सजा...' , देश छोड़ने के बाद पहली बार टूटी शेख हसीना की चुप्पी, जानें क्या बोलीं?
Courtesy: Social Media

Sheikh Hasina: देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की ओर से पहला बयान सामने आया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के अनुसार,  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पद से हटने के बाद अपने पहले बयान में जुलाई में हुई हत्याओं और बर्बरता की घटनाओं में शामिल लोगों को सजा देने की मांग की है.

हसीना के बेटे सजीब वाजेद द्वारा साझा किए गए बयान में कहा गया कि मैं आपसे 15 अगस्त को राष्ट्रीय शोक दिवस को उचित सम्मान और गंभीरता के साथ मनाने की अपील करती हूं. बंगबंधु भवन में पुष्प माला चढ़ाकर सभी आत्माओं की मुक्ति के लिए प्रार्थना करें.

 

और क्या बोलीं पूर्व प्रधानमंत्री? 

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले माह जुलाई से ही आंदोलन के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा के कारण कई लोगों की जान चली गई है.  छात्र, शिक्षक, पुलिस यहां तक ​​कि आंतरिक महिला पुलिस, पत्रकार, सांस्कृतिक कार्यकर्ता, कामकाजी लोग, अवामी लीग और संगठन के नेता, कार्यकर्ता, पैदल यात्री और विभिन्न संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी जो आतंकवादी हमले का शिकार हुए हैं, मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं.

देशवासियों से न्याय चाहती हूं

बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के संग्रहालय को नष्ट किए जाने की निंदा करते हुए हसीना ने कहा कि राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान, जिनके नेतृत्व में हमने एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में आत्मसम्मान प्राप्त किया, आत्म-पहचान प्राप्त की और एक स्वतंत्र देश प्राप्त किया, उनका घोर अपमान किया गया है.  उन्होंने लाखों शहीदों के खून का अपमान किया है. मैं देशवासियों से न्याय चाहती हूं. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में हसीना का 15 साल लंबा शासन 5 अगस्त को समाप्त हो गया था जब उन्होंने अपने शासन के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ दिया था.  शेख मुजीबुर रहमान की बेटी शेख हसीना फिलहाल भारत में सुरक्षित स्थान पर हैं.  

अंतरिम सरकार का गठन

बांग्लादेश की एक अदालत ने पिछले महीने नागरिक अशांति के दौरान पुलिस द्वारा एक व्यक्ति की हत्या के मामले में मंगलवार को अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री और उनके प्रशासन के छह शीर्ष लोगों के खिलाफ हत्या की जांच शुरू की है. हसीना के देश छोड़ने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया है.