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इस्लामाबाद टॉक 2.0 की कोशिश में शहबाज शरीफ, ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान से फोन पर की बात

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बात की. इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बातचीत के लिए ईरान को मनाने की कोशिश तेज हो गई है, जबकि अमेरिकी डेलिगेशन पहुंच रहा है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
इस्लामाबाद टॉक 2.0 की कोशिश में शहबाज शरीफ, ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान से फोन पर की बात
Courtesy: pintrest

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव थमने के बाद कूटनीति का नया दौर शुरू हो गया है. पाकिस्तान अब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पुल बनने की कोशिश कर रहा है. शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर चर्चा की है. अमेरिका के विशेष दूत इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं, लेकिन ईरान ने पहले दौर में शामिल होने से इनकार कर दिया था. ऐसे में पाकिस्तान की यह पहल कितनी कामयाब होगी, यह देखना दिलचस्प होगा.

शहबाज शरीफ का फोन कॉल

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर लंबी बातचीत की. दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की. शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के साथ हाल में हुई अपनी बातचीत की जानकारी दी. इसका मकसद युद्ध प्रभावित इलाकों में स्थायी शांति कायम करना था. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि दोनों देश क्षेत्रीय स्थिरता पर सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार हैं. इस कॉल की टाइमिंग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका दूसरे दौर की वार्ता के लिए पाकिस्तान में डेलिगेशन भेज रहा है. शहबाज शरीफ की यह कोशिश ईरान को मेज पर लाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.

ईरान की दलील और इनकार

ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को सीधे ठुकरा दिया है. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार अमेरिका की अत्यधिक मांगें, बार-बार रुख बदलना और विरोधाभासी बयान इस फैसले की वजह बने. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अपने बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी को युद्धविराम का उल्लंघन बताया. ऐसे में सवाल यह है कि शहबाज शरीफ पेजेश्कियान को दूसरे दौर में शामिल होने के लिए कितना मना पाएंगे. ईरान अभी भी अमेरिका की कुछ शर्तों से नाराज है. पाकिस्तान की भूमिका दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाली में अहम हो सकती है.

इस्लामाबाद में तैयारियां तेज

इस्लामाबाद में अमेरिकी डेलिगेशन के आने की तैयारी जोरों पर है. भारी सैन्य विमान नूर खान एयरबेस पर उतर रहे हैं. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और एयरपोर्ट से रेड जोन तक कई सड़कें अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं. सेरेना और मैरियट होटल को खाली कराया जा रहा है. नए बुकिंग पर रोक लगा दी गई है. अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के पहुंचने की खबर है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के आने पर अभी सस्पेंस बरकरार है. पाकिस्तान की सेना और सरकार दोनों स्तर पर सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है.

पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका

पहले दौर की बातचीत भले ही नाकाम रही हो, लेकिन अमेरिका और ईरान दोनों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना की थी. पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी तेहरान का दौरा कर चुके हैं. अब शहबाज शरीफ की फोन कॉल से लगता है कि पाकिस्तान इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय है. अगर ईरान को मनाया जा सका तो इस्लामाबाद टॉक 2.0 सफल हो सकता है. क्षेत्रीय शांति के लिए यह बातचीत बेहद जरूरी मानी जा रही है. पाकिस्तान अपनी भौगोलिक स्थिति और दोनों देशों से अच्छे संबंधों का फायदा उठाते हुए कूटनीतिक सफलता हासिल करने की कोशिश में जुटा है.