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India Daily

जंग छेड़कर घिर गए ट्रंप! रूस ने क्यूबा को तेल भेजकर खोला नया मोर्चा, बिना अमेरिकी रुकावट के निकले रूसी टैंकर

रूस ने क्यूबा को तेल पहुंचाने के लिए बड़ा टैंकर भेजा. अमेरिका ने रोकने की कोशिश नहीं की. ट्रंप सरकार ईरान और यूक्रेन के बाद रूस से नया मोर्चा खोलने से बच रही है. क्यूबा को कुछ हफ्तों की राहत मिलने की उम्मीद है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
जंग छेड़कर घिर गए ट्रंप! रूस ने क्यूबा को तेल भेजकर खोला नया मोर्चा, बिना अमेरिकी रुकावट के निकले रूसी टैंकर
Courtesy: grok

नई दिल्ली: रूस ने अमेरिका की सख्त नीति के बावजूद क्यूबा को तेल पहुंचाने का बड़ा कदम उठाया है. एक रूसी तेल टैंकर में 7 लाख 30 हजार बैरल कच्चा तेल लदा है, जो क्यूबा के मातांजास बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है. अमेरिका ने जनवरी से क्यूबा पर तेल सप्लाई रोक रखी थी, लेकिन इस बार अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने टैंकर को रोकने की कोशिश नहीं की. इससे साफ है कि ट्रंप प्रशासन फिलहाल रूस से सीधा टकराव टालना चाहता है.

रूसी टैंकर पहुंचा क्यूबा के पास

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार रूसी झंडे वाला यह टैंकर कुछ ही घंटों में क्यूबा पहुंच जाएगा. इससे पहले एक और रूसी टैंकर 6 लाख 50 हजार बैरल तेल लेकर क्यूबा के समुद्री इलाके में घुस चुका है. क्यूबा में पिछले कई हफ्तों से बिजली नहीं है, गाड़ियां नहीं चल रही हैं और लोग अंधेरे में जीवन व्यतीत कर रहे हैं. अमेरिका की रोक के कारण देश पूरी तरह ठप पड़ गया था.

ट्रंप सरकार क्यों पीछे हटी

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका अभी रूस से नया संघर्ष नहीं चाहता. यूक्रेन युद्ध के अलावा ईरान के साथ बढ़ते तनाव में रूस ईरान की मदद कर रहा है. ऐसे में ट्रंप प्रशासन ने रूसी टैंकर को रोकने का आदेश नहीं दिया. अमेरिकी कोस्ट गार्ड के जहाज मौके पर थे, लेकिन बिना आदेश के उन्होंने टैंकर को आगे जाने दिया. यह घटना शीत युद्ध के समय की याद दिलाती है, जब क्यूबा सोवियत संघ का करीबी था.

क्यूबा को मिली राहत, रूस का संदेश

रूस ने साफ कहा है कि वह क्यूबा के साथ खड़ा है. मेक्सिको में रूसी दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि क्यूबा पर लगाए गए सभी प्रतिबंध गलत हैं और रूस हर संभव मदद करने को तैयार है. इस तेल की खेप से क्यूबा को कुछ हफ्तों की राहत मिलने की उम्मीद है. वहां बिजली कटौती, ईंधन की कमी, महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी असर पड़ा है. विशेषज्ञ जॉर्ज पिनोन ने कहा कि यह स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन फिलहाल राहत जरूर देगा.