नई दिल्ली: यूक्रेन युद्ध में दुनिया का ध्यान ईरान संकट पर लगा हुआ है, और इसी बीच रूस ने एक बड़ा दावा कर दिया है. उसके रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूसी सैनिकों ने लुहांस्क क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है. हालांकि यूक्रेनी अधिकारी इस बात से इनकार कर रहे हैं. यह दावा ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अमेरिकी दूतों से बात करने वाले हैं. दोनों तरफ से दावे-प्रतिदावे युद्ध की जटिलता को दिखाते हैं और शांति प्रयासों पर असर डाल सकते हैं.
रूसी रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि वेस्ट ग्रुप की इकाइयों ने लुहांस्क पीपुल्स रिपब्लिक को पूरी तरह मुक्त करा लिया है. यूक्रेन के संयुक्त बलों के प्रवक्ता विक्टर ट्रेहुबोव ने इसे सिरे से नकार दिया. उन्होंने बताया कि लुहांस्क में कुछ छोटे इलाकों पर अभी भी यूक्रेनी सेना काबिज है और कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है.
रूस के युद्धक्षेत्र प्रोग्रेस के दावों में पहले भी अंतर देखा गया है. लुहांस्क के रूस समर्थक प्रमुख ने पिछले साल भी पूर्ण कब्जे की घोषणा की थी. यूक्रेनी पक्ष का कहना है कि रूस ऐसे दावे अमेरिकी वार्ताकारों को प्रभावित करने के लिए करता है. जेलेंस्की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से वीडियो कॉल पर बात करने वाले हैं ताकि त्रिपक्षीय वार्ता की राह साफ हो सके.
लुहांस्क डोनबास क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह रूस से सटा होने के कारण रसद सप्लाई को आसान बनाता है. कोयला खदानें और भारी उद्योग यहां मौजूद हैं, जो इसे औद्योगिक रूप से मूल्यवान बनाते हैं. रूस इसे स्वतंत्र लुहांस्क पीपुल्स रिपब्लिक के रूप में मान्यता दे चुका है, जिससे उसके आक्रमण को वैधता मिलती है. पूर्ण नियंत्रण से रूस को यूक्रेन पर और दबाव बनाने में मदद मिल सकती है.
यह दावा तीन साल से ज्यादा चले युद्ध में रूस के लिए एक बड़ा प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है. अगर यह सही साबित होता है तो रूस डोनबास पर अपना कब्जा और मजबूत कर लेगा. हालांकि यूक्रेन के इनकार से स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है. दोनों तरफ की गतिविधियां शांति वार्ता को प्रभावित कर सकती हैं. क्षेत्र का नियंत्रण युद्ध के भविष्य को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.